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अब नहीं बनेगी चवन्नी

अब नहीं बनेगी चवन्नी

नई दिल्ली. 11 नवंबर 2010


सरकार ने मान लिया है कि 25 पैसे के सिक्के का आज की तारीख में कोई खास महत्व नहीं है. उल्टे उसको बनाने में दुगनी से अधिक रकम खर्च हो जाती है. ऐसे में वित्त मंत्रालय ने 25 पैसे के सिक्के बंद करने का निर्णय लिया है. अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दिनों में चवन्नी का सिक्का इतिहास की बात हो सकती है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का मानना है कि 25 पैसे के सिक्के को बनाने में लगभग 50 पैसे खर्च हो जाते हैं. इस सिक्के को गलाने वाला गिरोह इसे गला कर ज़्यादा पैसे कमाता है, जिससे 25 पैसे के सिक्के की हमेशा किल्लत बनी रहती है. मतलब ये कि इस तरह से 25 पैसे के सिक्कों का लाभ असामाजिक तत्व उठा रहे हैं.

रिजर्व बैंक के तर्कों के बाद वित्त मंत्रालय ने आने वाले दिनों में 25 पैसे के सिक्कों की ढ़लाई नहीं करने का निर्णय लिया है. वित्त मंत्रालय ने इसका प्रस्ताव कैबिनेट को भेज दिया है. उम्मीद की जा रही है कि कैबिनेट की मंजूरी मिल जायेगी. उसके बाद से 25 पैसे के सिक्के खुद ही चलन से बाहर हो जायेंगे.


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