पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति > पश्चिम बंगाल Print | Send to Friend | Share This 

सीपीएम के 44 लोगों को उम्रकैद

सीपीएम के 44 लोगों को उम्रकैद

कोलकाता. 12 नवंबर 2010


मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 44 कार्यकर्ताओं को 11 किसानों की हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. 2000 में सत्तारुढ़ सीपीएम के इन 44 कार्यकर्ताओं पर पश्चिम बंगाल के वीरभूम ज़िले के सचपुर गांव में 11 किसानों को मार डालने का आरोप है. ये किसान तृणमूल कांग्रेस के समर्थक थे.

वीरभूम के सत्र न्यायाधीश ने माना कि सीपीएम के सभी 44 कार्यकर्ताओं ने एक मत हो कर दंगा फैलाया और विरोधी पक्ष तृणमूल कांग्रेस के समर्थक 11 किसानों की हत्या कर दी. अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 149 और 302 के तहत आजीवन कैद की सजा सुनाई.

11 किसानों की हत्या के मामले में 74 लोगों को आरोपी बनाया गया था. अदालत ने इस मामले में 23 लोगों को बरी कर दिया, जबकि 7 आरोपियों की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गयी थी.

सीपीएम ने कहा है कि इस मामले के खिलाफ वह उपरी अदालत में अपील करेगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in