पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति > मध्यप्रदेश Print | Send to Friend | Share This 

पूर्व आरएसएस प्रमुख सुदर्शन के खिलाफ मुकदमा

पूर्व आरएसएस प्रमुख सुदर्शन के खिलाफ मुकदमा

जयपुर. 13 नवंबर 2010


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन का कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ दिया गया बयान उनके लिये इस बुढ़ापे में मुश्किल पैदा कर सकता है. देश भर में कांग्रेसियों के विरोध-प्रदर्शन और फिर अपने ही संघ द्वारा इस बयान पर पल्ला झाड़ने के बाद अब उनके खिलाफ मुकदमे भी दायर होने शुरु हो गये हैं.

ज्ञात रहे कि कुछ ही दिन पहले भोपाल में केएस सुदर्शन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था और उन्हें सीआईए की एजेंट के साथ-साथ अवैध संतान भी घोषित कर दिया.

सुदर्शन के इस बयान के बाद से देश भर में कांग्रेसी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके इस बयान पर संघ ने पल्ला झाड़ते हुये कहा कि यह सुदर्शन के निजी विचार हैं और संघ का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अब ताज़ा मामले में जयपुर की एक अदालत ने पुलिस को सुदर्शन के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है. भोपाल में भी एक मामला अदालत में दायर किया गया है.

जयपुर के सीजेएम की अदालत ने एक परिवाद दायर किये जाने के बाद पुलिस को सुदर्शन के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया. अदालत में परिवादी ने कहा कि सुदर्शन ने दुर्भावना व आपराधिक आशय से भोपाल में एक प्रेसवार्ता में सोनिया गांधी को निशाना बनाकर जो बयान दिया, उसे जयपुर सहित पूरे देश में प्रसारित किया गया ताकि जातिगत द्वेष फैले और दंगे फसाद हों. यह एक गंभीर अपराध है. अदालत में दावा किया गया कि सुदर्शन ने यह बयान अपने साथी इन्द्रेश कुमार, जिनके खिलाफ राज्य में बम ब्लास्ट में निर्दोष लोगों की जान लेने के मामले में जांच चल रही है, उन्हें बचाने के लिए किया है, लिहाजा सुदर्शन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए.

परिवादी के तर्कों से सहमत होने के बाद अदालत ने पुलिस को थाने में मामला दर्ज करने का आदेश दिया, जिस पर स्थानीय माणक चौक थाने में सुदर्शन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

इधर भोपाल की एक अदालत में भी पूर्व संघ प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है. इस मुकदमें की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in