पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

कॉर्पोरेट और किसान में फर्क

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति > दिल्ली Print | Send to Friend | Share This 

संचार मंत्री राजा का इस्तीफा

संचार मंत्री राजा का इस्तीफा

नई दिल्ली. 15 नवंबर 2010


स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसे केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. राजा ने रविवार को देर रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद कहा कि मैंने इस्तीफा केवल इसलिये दिया है, जिससे संसद सुचारु रुप से चल सके और सरकार को कोई शर्मिंदगी नहीं उठानी पड़े. इससे पहले रविवार को ही राजा ने किसी भी हालत में इस्तीफा नहीं देने की बात कही थी.

राजा पर 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रूपए से अधिक का चूना लगाने का आरोप है. राजा पर आरोप हैं कि वर्ष 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन बाजार से सस्ते दर पर किया, जिससे सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रूपए का नुकसान हुआ. स्पेक्ट्रम आवंटन में राजा ने वित्त एवं कानून मंत्रालयों और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई के सलाहों की भी अनदेखी की. पिछले बुधवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग ने भी इस बारे में रिपोर्ट पेश की थी.

अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजा ने कहा कि मैने कोई ग़लती नहीं की है. इस्तीफ़ा देने का ये मतलब नहीं कि आरोपों को स्वीकार कर रहा हूं. मैं निर्दोष हूं. मैंने संसद में और संसद के बाहर लोगों से वादा किया था कि टेलीकॉम उद्योग में क्रांति आएगी और मैंने वो काम पूरी ईमानदारी से और नियमों का पालन करते हुए किया है. उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण कॉल दरों में भारी कमी हुई है और आम जनता को राहत मिली है.

राजा ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी डीएमके के नेता एम करुणानिधि ने सुझाव दिया था कि वे इस्तीफा दे दें, जिससे संसद की कार्यवाही सुचारु रुप से चल सके और सरकार को कोई शर्मिंदगी न हो.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in