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संचार मंत्री राजा का इस्तीफा

संचार मंत्री राजा का इस्तीफा

नई दिल्ली. 15 नवंबर 2010


स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसे केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. राजा ने रविवार को देर रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद कहा कि मैंने इस्तीफा केवल इसलिये दिया है, जिससे संसद सुचारु रुप से चल सके और सरकार को कोई शर्मिंदगी नहीं उठानी पड़े. इससे पहले रविवार को ही राजा ने किसी भी हालत में इस्तीफा नहीं देने की बात कही थी.

राजा पर 2जी स्पेक्ट्रम मामले में सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रूपए से अधिक का चूना लगाने का आरोप है. राजा पर आरोप हैं कि वर्ष 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन बाजार से सस्ते दर पर किया, जिससे सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रूपए का नुकसान हुआ. स्पेक्ट्रम आवंटन में राजा ने वित्त एवं कानून मंत्रालयों और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ट्राई के सलाहों की भी अनदेखी की. पिछले बुधवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग ने भी इस बारे में रिपोर्ट पेश की थी.

अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजा ने कहा कि मैने कोई ग़लती नहीं की है. इस्तीफ़ा देने का ये मतलब नहीं कि आरोपों को स्वीकार कर रहा हूं. मैं निर्दोष हूं. मैंने संसद में और संसद के बाहर लोगों से वादा किया था कि टेलीकॉम उद्योग में क्रांति आएगी और मैंने वो काम पूरी ईमानदारी से और नियमों का पालन करते हुए किया है. उन्होंने दावा किया कि उनकी नीतियों के कारण कॉल दरों में भारी कमी हुई है और आम जनता को राहत मिली है.

राजा ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी डीएमके के नेता एम करुणानिधि ने सुझाव दिया था कि वे इस्तीफा दे दें, जिससे संसद की कार्यवाही सुचारु रुप से चल सके और सरकार को कोई शर्मिंदगी न हो.


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