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भूल को गड़बड़ी नहीं मानना चाहिये- मनमोहन सिंह

भूल को गड़बड़ी नहीं मानना चाहिये- मनमोहन सिंह

नई दिल्ली. 17 नवंबर 2010


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जानबूझ कर की गई गड़बड़ी और भूलवश हुई गलती के बीच फर्क करना चाहिये. कैग द्वारा संसद के पटल पर 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की रिपोर्ट रखे जाने के बीच भ्रष्टाचार के आरोपी रहे पूर्व मंत्री ए राजा का बचाव करते हुये प्रधानमंत्री ने यह सुझाव कैग को दिया है. वे मंगलवार को नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की स्थापना के 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में अपना वक्तव्य दे रहे थे.

ज्ञात रहे कि मंगलवार को ही संसद के पटल पर रखे गये कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन संचार मंत्री ए राजा के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग के मनमाने निर्णयों से सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपए से अधिक की संभावित आय का नुकसान हुआ है. राजा ने सरकारी नियम-कायदे भी नहीं माने.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की स्थापना के 150वीं वर्षगांठ पर कहा कि सरकारी लेखापरीक्षक यानी कैग पर भारी जिम्मेदारी है, इसलिये उसे इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि उसकी रिपोर्ट सटीक, संतुलित और समुचित होनी चाहिये. इसके लिये उच्चस्तर की पेशेवर कुशलता और क्षमता जरुरी है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि छोटी छोटी बातों और व्यक्तिगत लेन-देन पर आधारित लेखापरीक्षा के बजाय बडी बडी परियोजनाओं की लेखापरीक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाये तो इसका ज्यादा फायदा मिल सकता है. उन्होंने सुझाव देते हुये कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक प्रमुख निगरानी संस्था होने के नाते कैग की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह दूध का दूध और पानी का पानी करे. भूल और जानबूकर की गयी गड़बड़ी में फर्क समझना तथा निर्णर्यों के पीछे के संदर्भ और परिस्थितियों को भी समुचित महत्व दे.


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