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हर चिट्ठी का जवाब दिया-मनमोहन

हर चिट्ठी का जवाब दिया-मनमोहन

नई दिल्ली. 20 नवंबर 2010


केंद्र सरकार ने दावा किया है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी की चिट्ठि‍यों पर अच्छी तरह विचार-विमर्श किया गया था और ए राजा के खिलाफ मिले पत्रों पर गंभीरता से कार्रवाई की गई थी. उच्चतम न्यायालय में आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से दायर हलफनामे में यह दावा किया गया है.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में हो रही सुनवाई पर प्रधानमंत्री की ओर से पीएमओ में डायरेक्टर के. विद्यावती ने उच्चतम न्यायालय में दायर 11 पन्नों के जवाब में कहा है कि स्वामी की ओर से मिले 29 नवंबर 2008 से लेकर अक्टूबर 2010 तक के पत्रों को कानून मंत्रालय को प्रेषित कर दिया गया था, जिस पर मंत्रालय ने फरवरी 2010 में अपनी राय दी. इसके साथ-साथ कार्मिक विभाग ने भी स्वामी के पत्रों का जवाब दिया था.

हलफनामा के अनुसार 8 फरवरी 2010 को कानून मंत्रालय ने पीएमओ को दी अपनी राय में कहा था कि सीबीआई या किसी अन्य जांच एजेंसी की ओर से मौखिक या दस्तावेजी सबूत मिलने के बाद ही मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जा सकती है.

ज्ञात रहे कि करीब 1.76 लाख करोड़ के इस घोटाले के चलते दूरसंचार मंत्री की कुर्सी गंवाने वाले ए. राजा के खिलाफ पीएम की चुप्पी पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लिखित जवाब देने के लिए शनिवार तक मोहलत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि स्वामी के पत्रों को लेकर पीएम निष्क्रिय क्यों थे.


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