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छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ पर सवाल

छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ पर सवाल

रायपुर. 24 नवंबर 2010


छत्तीसगढ़ में 9 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराने के पुलिस के दावे पर सवाल उठने शुरु हो गये हैं. कल राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल ने दंतेवाड़ा के जगरगुंडा में 9 माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था. सरकारी सूत्रों के अनुसार सर्चिग टीम में सीआरपीएफ के 32, राज्य पुलिस बल के 60 एवं सीएफ के नौ जवानों की संयुक्त पार्टी ने इस मुठभेड़ में भाग लिया.

राज्य के अखबारों ने मुठभेड़ में सीआरपीएफ और पुलिस के दावे को परखते हुये कई सवाल खड़े किये हैं. सीआरपीएफ ने अपने प्रेस कांफ्रेस में दावा किया कि जिस दल ने इस मुठभेड़ को अंजाम दिया, वह सुबह सात बजे निकली थी. जबकि राज्य पुलिस ने कहा कि वे सुबह 5 बजे निकले थे. सीआरपीएफ ने कहा कि वे एरिया डामिनेशन एंबुश के लिये निकले थे, जबकि पुलिस ने अपनी प्रेस वार्ता में कहा कि वे सर्चिंग गश्त पर निकले थे.

हालत ये है कि मुठभेड़ स्थल को लेकर भी सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के बयान उलटे हैं. सीआरपीएफ ने कहा कि उन के कैंप से महज डेढ़ किलोमीटर दूर आश्रमपारा में माओवादियों से मुठभेड़ हुई है, जबकि राज्य पुलिस ने कैंप से 7 किलोमीटर दूर कुंदेर के जंगल में माओवादियों से मुठभेड़ का दावा किया है. सीआरपीएफ ने कहा कि एक घंटे तक फायरिंग चली, जबकि राज्य पुलिस इसे ढ़ाई से तीन घंटे बता रही है.