पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति > सियासत Print | Send to Friend | Share This 

59 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले

59 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले

नई दिल्ली. 25 नवंबर 2010


बिहार विधानसभा में चुन कर आये नये विधायकों को लेकर यह आम राय ज़रुर बनी है कि जनता ने विकास को आधार बना कर नेताओं को चुना है लेकिन इन ‘माननीय’ में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन पर हत्या, डकैती जैसे आपराधिक मामले दर्ज हैं. 2005 के चुनाव में 117 ऐसे अपराध के आरोपी विधायक बन कर आये थे. ये कुल विधानसभा के 35 प्रतिशत थे.

ताज़ा चुनाव में ऐसे लोगों की संख्या 141 है, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. यानी नयी विधानसभा में 59 प्रतिशत विधायक ऐसे होंगे, जो भले ‘माननीय’ हो गये हों, अदालतों में ये अभियुक्त के तौर पर ही जाने जायेंगे.

नेशनल इलेक्शन वॉच द्वारा किये गये अध्ययन में यह आंकड़े सामने आये हैं. आंकड़ों के अनुसार 141 में से 82 विधायक ऐसे हैं, जिनपर गंभीर अपराध के आरोप हैं. 2005 में ऐसे विधायकों की संख्या 68 थी.

जिन विधायकों पर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के मुकदमे हैं, उनमें सर्वाधिक 58 विधायक भाजपा के हैं. भाजपा के कुल विधायकों की संख्या 90 है. इसी तरह जनता दल युनाइटेड के 114 में से 58 विधायकों पर आपराधिक मामले दायर हैं. राजद के 22 में से 13 विधायक, कांग्रेस के 4 में से तीन विधायकों पर आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं. लोजपा के 3 में से 3 और भाकपा के एकमात्र विधायक को भी आपराधिक मामलों में अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे. 6 निर्दलिय विधायकों में से 5 के खिलाफ अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं. झामुमो के एकमात्र विधायक के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.

नेशनल इलेक्शन वॉच के आंकड़ों के अनुसार बिहार विधानसभा में भाजपा के 64 प्रतिशत, जदयु के 51 प्रतिशत, राजद के 59 प्रतिशत, कांग्रेस के 75 प्रतिशत, लोजपा और भाकपा के 100 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें
 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

राम मुरारी (ram-murari@yahoo.co.in) नोएडा

 
 इस आंकड़े के आइने में विकास के नारे की हकीकत को समझा जा सकता है... नई सरकार में विकास तो होगा, लेकिन किसका ये सोचनेवाली बात है... 
   
 

amit raja (amitraja.jb@gmail.com) jharkhand

 
 मुझे लगता है कि ईमानदार मतदाता ही ईमानदार या गैर आपराधिक चरित्र के प्रतिनिधि चुन सकते हैं. वैसे, जिसदिन चुनावों में दबंगता और गलत तरीके से बनाये प्रभाव का खौफ या खनकते पैसों की जादूगरी बंद हो जाएगी- देश के बेईमानों और आपराधिक चरित्र के लोगों का चुन कर आना आसान नहीं रह जायेगा. इसी भरोसे के साथ.. जय हिंद.

 
   

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   

 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in