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पाकिस्तान परमाणु हमला कर सकता था

पाकिस्तान परमाणु हमला कर सकता था

नई दिल्ली. 3 दिसंबर 2010


मुंबई में 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को इस बात का डर समा गया था कि भारत इसके जवाब में सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ऐसी हालत में पाकिस्तान परमाणु हमले की तैयारी में था.

अमरीका के कई गुप्त दस्तावेज़ उजागर करने वाली विकीलीक्स के दस्तावेज़ों के अनुसार पाकिस्तानी सेना पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करने के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के वादे को गंभीरता से नहीं ले रही थी. यानी भारत की ओर से सैन्य हमले की स्थिति में पाकिस्तानी सेना भारत से पहले ही परमाणु हथियार से हमला कर देती.

दस्तावेज़ों के अनुसार राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी समेत कुछ दूसरे सत्ताधीशों ने अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से भारत की ‘आतंकवादी’ कार्रवाइयों की शिकायत की थी. 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान दौरे पर गए अमरीकी विदेश उप मंत्री जॉन नेग्रोपोंटे से कहा था, ‘हमारे पास इसके सबूत हैं कि कौन किसे कैसा हथियार दे रहा है. यदि भारत का यही रवैया जारी रहा तो हम भी इसका जवाब देंगे.' मुशर्रफ का आरोप था कि बलूचिस्तान में भारत और अफगानिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं.

एक अन्य दस्तावेज बताता है कि भारत की सैन्य ताकत पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने अमरीकी सीनेटर जॉन केरी से कहा कि भारत ने इस साल रक्षा बजट में 30 फीसदी की बढ़ोतरी की है और इससे पाकिस्तान को सीधा खतरा है. जब केरी ने भारत पर चीन की ओर से खतरे के बारे जरदारी से पूछा तो पाकिस्तानी राष्ट्रपति का कहना था कि भारतीय सेना के टैंक चीनी सीमा से सटे क्षेत्रों में तैनात नहीं किए जाएंगे, इनका इस्तेमाल सिर्फ पाकिस्तान पर हमले के लिए ही किया जा सकता है.


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