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लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रीय भूमिका निभाए भारत: सू ची

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रीय भूमिका निभाए भारत: सू की

यंगून. 8 दिसंबर 2010


म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू की का मानना है कि भारत को उनके देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ज्यादा सक्रीय भूमिका निभानी चाहिए और देश की विपक्षी पार्टी के साथ अपने संबंध बढ़ाने चाहिए. हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में सू की ने कहा कि भारत को म्यांमार में अपने वाणिज्यिक हितों से उपर उठकर विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश होने की भूमिका निभानी चाहिए.

म्यांमार की सैन्य सरकार और भारत सरकार के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि वे इन संबंधों को गलत नहीं मानती हैं, लेकिन वह चाहती हैं कि भारत उनके देश में लोतांत्रिकरण की प्रक्रिया में और सक्रिय भूमिका निभाए और उनकी नेशनल लीग फार डेमोक्रेसी पार्टी के साथ संवाद कायम करे. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत म्यांमार में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनर्स्थापित करने के ओर कदम बढ़ाए और उस प्रक्रिया में वो उनकी पार्टी के साथ संबंध बढ़ाए, क्योंकि उनकी पार्टी देश में लोकतंत्र बहाली के लिए प्रयासरत है.

सू की ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत ने सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश होने की अपनी प्रतिष्ठा कायम रखी है और इसमें उसे काफी सम्मान की अनुभूति भी हुई है, लेकिन अब उसका मुख्य ध्यान आर्थिक पक्ष की ओर परिवर्तित हो रहा है. गौरतलब है कि एक समय सू की के समर्थक रहे भारत ने 90 के दशक के मध्य में म्यांमार की सैन्य सरकार के साथ संपर्क में बढ़ोतरी की, क्योंकि म्यांमार भारत की सुरक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक जरूरतें के हिसाब से महत्वपूर्ण पड़ोसी साबित हुआ.

 


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