पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >सियासत Print | Share This  

भारत दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में

भारत दुनिया के सबसे भ्रष्ट देशों में

नई दिल्ली. 9 दिसंबर 2010


भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाली ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल का दावा है कि भारत दुनिया के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में गिना जा रहा है. संगठन ने 90 हजार लोगों से किये गये एक सर्वेक्षण के बाद आंकड़े जारी करते हुये कहा कि भारत के अलावा अफ़गानिस्तान, नाइजीरिया और इराक़ भी सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के मौके पर जारी हुई ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल एक चौथाई लोगों ने पिछले एक साल में रिश्वत देने की बात स्वीकार की है. रिश्वत लेने वालों में सबसे बड़ी संख्या पुलिसकर्मियों की है.

भारत, अफ़गानिस्तान, नाइजीरिया और इराक़ के आधे से अधिक लोगों ने माना कि उन्होंने रिश्वत दी है. चीन, रूस और मध्यपूर्व में एक तिहाई लोगों ने कहा कि उन्हें अपना काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी. वहीं यूरोपीय और उत्तरी अमरीकी देशों में छोटे-मोटे मामलों में रिश्वतखोरी के मामले कम मिले.

सर्वेक्षण में शामिल 60 फीसदी लोगों ने माना कि अब रिश्वतखोरी एक आम बात है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sunder lohia [lohiasunder2 @gmail.com] Mandi ( H.P}.

 
  यूपीये सरकार के दूसरे दौर की सब से बड़ी उपलब्धि.मुबारकबाद किसे दें? चेयरपर्सन को या फिर प्राईम मिनिस्टर को? 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in