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असांज की गिरफ्तारी की निंदा, हैकर्स एकजुट

असांज की गिरफ्तारी की निंदा, हैकर्स एकजुट

नई दिल्ली. 10 दिसंबर 2010


विकीलिक्स के संस्थापक जूलियन असांज की गिरफ्तारी की ब्राजील और रुस के राष्ट्रपति ने कड़ी आलोचना की है. उधर इस गिरफ्तारी के खिलाफ हैकरों के एक समूह ने उन अमरीकी संस्थानों को निशाना बनाना शुरु किया है, जिन्होंने विकीलिक्स और असांज को नुकसान पहुंचाया है.

ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला द सिल्वा ने जूलियन असांज की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि असांज की गिरफ्तारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है. उन्होंने कहा कि "मैं आश्चर्यचकित हूँ कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज की गिरफ़्तारी का कोई विरोध नहीं हुआ है. जिन्होंने कूटनीतिक संदेश लिखे हैं सज़ा उन्हें मिलनी चाहिए, उन लोगों को नहीं जिन्होंने इनकी सूचनाएँ सार्वजनिक की हैं."

दूसरी ओर रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि असांज की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि "अगर पश्चिमी देशों में पूरी तरह लोकतंत्र कायम है तो उन्होंने असांज को जेल में छिपा क्यों दिया है. क्या ये लोकतंत्र है? हमारे गाँव में लोग कहते हैं कि जिनके घर शीशे के हों वे औरों पर पत्थर नहीं फेंकते."

पुतिन ने कहा कि " विकीलीक्स पर प्रस्तुत की गई पूरी जानकारी के बाद ख़ुद ही आकलन करना चाहिये कि क्या अमरीकी कूटनीतिक सेवा जानकारी का सबसे स्वच्छ स्रोत हैं."

पश्चिमी देशों से आने वाली खबरों के अनुसार असांज की गिरफ्तारी के बाद हैकरों के एक बड़े समूह ने अमरीका की ऐसी संस्थाओं पर निशाना साधना शुरु किया है, जिनके बारे में शक है कि वे अमरीका के साथ मिल कर असांज और विकीविक्स को नुकसान पहुंचा रही हैं. असांज के समर्थक हैकरों ने ऑपरेशन पे बैक के नाम से कार्रवाइयां शुरु की हैं और मास्टरकार्ड, वीज़ा कार्ड, पे पाल, पोस्ट फाइनेंस जैसी संस्थाओं की साइटों में सेंध लगाया है.


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