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भारत-चीन के बीच कई समझौते

भारत-चीन के बीच कई समझौते

नई दिल्ली. 17 दिसंबर 2010


भारत और चीन के बीच अगले पांच वर्षो में 100 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य रखा गया है. वर्ष 2015 तक दोनों देशों के बीच 100 अरब डॉलर का कारोबार होगा. इन देशों के बीच इस वर्ष द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डालर पहुंच जाने का अनुमान है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के बीच हुई शिष्टमंडल स्तरीय वार्ता के बाद भारत और चीन के बीच छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच जल संसाधन, मीडिया, बैंकिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, व्यापारिक क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के समझौतों पर दस्तखत किए गए.

विदेश सचिव निरूपमा राव ने बताया कि द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन कम करने के लिए चीनी बाजार में भारतीय निर्यात बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि चीन ने खुद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को दिए जा रहे स्टैपल्ड वीजा का मुद्दा उठाया और कहा कि वह इस मसले का सुलझाने के लिए बेहद गंभीर है. इससे पहले आ रहे साझा बयान में कहा गया था कि नत्थी वीजा और स्थाई सदस्यता के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है. श्रीमती राव के अनुसार चीनी भाषा को तवज्जो देने के लिए इसे सीबीएसई सिलेबस में जगह दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सीबीएसई में चीनी भाषा पढ़ाई जाएगी.

राव ने कहा कि दोनों पीएम के बीच आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा की गई. आतंकवाद पर पाकिस्तान पर भी बात की गई है. दोनों देशों के बीच संयुक्त सीईओ फोरम का गठन होगा. साथ ही विदेश मंत्रियों के सालाना दौरे पर भी सहमति बन गई है.


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