पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

सवाल नहीं, जवाब दे कांग्रेस- गडकरी

सवाल नहीं, जवाब दे कांग्रेस- गडकरी

नई दिल्ली. 19 दिसंबर 2010


कांग्रेस के अधिवेशन में भाजपा पर निशाना साधने से नाराज भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी जवाब देने के बजाय आरोप लगाने का काम कर रही है. कांग्रेस का यह रव्वैया देश को गुमराह करने वाला है.

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि कांग्रेस के अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने पूरे भाषण में विपक्ष के नेता की तरह व्यवहार कर रही थीं. संप्रग-2 के समय हुए भ्रष्टाचार से जुडे कई मामलों पर सोनिया ने जवाब देना उचित नहीं समझा. भाजपा ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जेपीसी जांच की मांग की और सरकार से संसद के प्रति जवाबदेह होने को कहा. सोनिया ने हालांकि इसे राजनीतिक ब्लैकमेल करार दिया. विपक्ष की उचित मांग पर इस तरह का जवाब केवल कांग्रेस पार्टी ही दे सकती है, जिसने देश में आपातकाल लागू किया था.

नितिन गडकरी ने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय सोनिया गांधी कांग्रेस के उसी आचरण को फिर से सामने रख रही हैं, जो बोफर्स कांड के समय आलोचनाओं का दौर शुरू होने के समय था. उन्होंने उन्हीं सवालों पर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश की, जो विपक्ष ने कांग्रेस पार्टी से संसद के बजट और शीतकालीन सत्र में किए थे.

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा देश के समक्ष आज चुनौती बने भ्रष्टाचार, सरकार के खराब प्रदर्शन और सरकार के जनता से अलग थलग पडने, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच अविश्वास जैसे मुद्दों को पेश कर रही है. कांग्रेस को अपने इस महाधिवेशन में आत्ममंथन करना चाहिए और यह उसके लिए जनता के समक्ष मौजूद गंभीर चुनौतियों पर जवाब देने का एक और अवसर है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in