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आग लगाना, मीडिया बुलाना- शिव सेना

आग लगाना, मीडिया बुलाना- शिव सेना

पुणे. 30 दिसंबर 2010


पुणे पुलिस ने एक फोन टेप के हवाले से दावा किया है कि मंगलवार को पुणे में बंद के दौरान जो हिंसा हुई थी, उसकी साजिश शिवसेना ने पहले से ही तैयार कर ली थी. इसके लिये शिवसेना के शीर्ष नेताओं ने तैयारी की थी और मीडिया को भी पहले से ही बुला लिया गया था.

दादोजी कोंडदेव की मूर्ति हटाने को लेकर मंगलवार को आयोजित बंद से एक दिन पहले पुलिस ने शिवसेना के कुछ नेताओं के फोन टेप किये थे. शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निजी सहायक मिलिंद नारवेकर और शिव सेना की विधान परिषद सदस्य नीलम के बीच हुयी बातचीत के टेप के बारे में पुणे पुलिस ने कहा कि इस बातचीत में उद्दव ठाकरे के निजी सहायक मिलिंद नावरेकर ने पार्षद नीलम को बसों में आग लगाने, पत्थरबाज़ी करने और मीडिया को बुलाने के बारे में निर्देश दिये.

मिलिंद नारवेकर ने नीलम से कहा, “ 200 से 300 लोगों की भीड़ सुबह 6 बजे इकट्ठी करो. सुबह-सुबह ही इसे बड़ा मुद्दा बनाओ. पुणे स्टेशन, स्वरगेट, शिवाजीनगर एसटी बस स्टैंड पर पांच-छह बसों पर पत्थरबाज़ी कराओ...बस में आग लगवाने का इंतजाम करो और टीवी चैनलों को बुलाओ... सुबह 6 बजे लोनावाला हाई वे पर दो ट्रकों में आग लगवाओ...इससे हाई वे बंद हो जाएगा...ट्रैफिक रुक जाएगा...लोग आना जाना बंद कर देंगे...शहर में आने-जाने के रास्ते बंद हो जाएंगे. यह सब सुबह होना चाहिए और तुरत-फुरत.”

पुणे की पुलिस ने इस पूरे मामले में नीलम और मिलिंद नारवेकर के खिलाफ बंद गार्डेन पुलिस थाने में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने एफआईआर की कॉपी न्यायिक मैजिस्ट्रेट आर.एल. वानखेड़े की अदालत में पेश किया है. इसके साथ ही पुलिस ने टेप की गई बातचीत की सीडी और चार पेज की ट्रांस्क्रिप्ट जमा की है.

हालांकि नारवेकर और नीलम ने इस तरह की किसी भी बातचीत से इंकार किया है. दूसरी ओर शिवसेना के एक नेता ने टेप की जांच की मांग की है और पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस को अगर इस कथित साजिश के बारे में पहले से ही पता था तो आखिर उसने नीलम या नारवेकर को गिरफ्तार क्यों नहीं किया ?

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