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कृष्णा नदी का ज्यादा पानी आंध्र को

कृष्णा नदी का ज्यादा पानी आंध्र को

नई दिल्ली. 30 दिसंबर 2010


पिछले कई सालों से विवादों के घेरे में रही कृष्णा नदी जल विवाद बंटवारे पर नया निर्णय आया है, जिसके तहत आंध्र प्रदेश को इस नदी से सर्वाधिक पानी दिया जायेगा. कृष्णा नदी के जल विवाद को सुलझाने के लिये बनाये गये प्राधिकरण ने यह फैसला दिया है.

ज्ञात रहे कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से हो कर बहने वाली कृष्णा नदीं के पानी के बंटवारे को लेकर पिछले 43 सालों से विवाद चल रहा है. इस मुद्दे को सुलझाने के लिये 2 अप्रेल 2004 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बृजेश कुमार की अध्यक्षता में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस एसपी श्रीवास्तव और कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस डीके सेठ की तीन सदस्यीय प्राधिकरण का गठन किया गया था.

प्राधिकरण द्वारा किये गये फैसले के अनुसार कृष्णा नदी के पानी से आंध्रप्रदेश को 1,001 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक) फीट पानी, कर्नाटक को 911 टीएमसी फीट और महाराष्ट्र का 666 टीएमसी फीट पानी मिलेगा. इसके बाद बचे हुये पानी में भी आंध्र को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा. मुख्य बंटवारे के बाद जल की उपलब्धता के अनुसार आंध्र प्रदेश को 190 टीएमसी फीट, कर्नाटक को 177 टीएमसी फीट और महाराष्ट्र को 82 टीएमसी फीट पानी दिया जायेगा.

प्राधिकरण ने अपने 2000 पृष्ठों के फैसले में साफ कहा है कि राज्य सरकारें कृष्णा नदीं के पानी का वही इस्तेमाल करें, जिसके लिये उन्हें पानी आवंटित किया गया है.

 

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m5user [m5@medialab.co.in] Bhilai

 
  प्राधिकरण ने अपने 2000 पृष्ठों के फैसले में साफ कहा है कि राज्य सरकारें कृष्णा नदीं के पानी का वही इस्तेमाल करें, जिसके लिये उन्हें पानी आवंटित किया गया है. 
   
 

m5user [m5@medialab.co.in] bhilai

 
  प्राधिकरण ने अपने 2000 पृष्ठों के फैसले में साफ कहा है कि राज्य सरकारें कृष्णा नदीं के पानी का वही इस्तेमाल करें, जिसके लिये उन्हें पानी आवंटित किया गया है.
 
   
 

m5user [m5@medialab.co.in] bhilai

 
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m5user [m5@gmail.com] m5@medialab.co.in

 
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