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आलोक श्रीवास्तव को पूश्किन सम्मान

आलोक श्रीवास्तव को पूश्किन सम्मान

नई दिल्ली. 2 जनवरी 2011


रूस का अंतरराष्ट्रीय पूश्किन सम्मान इस वर्ष युवा शाइर आलोक श्रीवास्तव को दिया जायेगा. हिंदी में अपनी अलग पहचान बनाने वाले आलोक श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी पुस्तक 'आमीन' के लिए दिए जाने की घोषणा की गई है. आलोक इन दिनों टीवी पत्रकारिता से जुड़े हुये हैं.

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रूस के ‘भारत मित्र' समाज द्वारा प्रतिवर्ष हिन्दी के एक प्रसिद्ध कवि या लेखक को मास्को में हिन्दी-साहित्य का यह महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मान दिया जाता है. पिछले तीन वर्ष से इस सम्मान की घोषणा नहीं की गई थी. लिहाज़ा हाल के वर्षों में प्रकाशित हिंदी की चर्चित-पुस्तकों का जायज़ा लेने के बाद सम्मान-समिति ने आलोक श्रीवास्तव के ग़ज़ल-संग्रह 'आमीन' को अंतर्राष्ट्रीय पूश्किन सम्मान, वर्ष 2008' देने का निर्णय लिया है.

'भारत मित्र' समाज के महासचिव अनिल जनविजय के अनुसार रूसी कवि अलेक्सान्दर सेंकेविच की अध्यक्षता में हिन्दी-रूसी साहित्य के कवि-लेखकों व अध्येता-विद्वानों की पांच सदस्यीय निर्णायक-समिति ने आलोक श्रीवास्तव को वर्ष 2008 के अंतर्राष्ट्रीय पूश्किन सम्मान के लिए चुना है. निर्णायक-समिति में हिन्दी साहित्य की प्रसिद्ध रूसी अध्येता व विद्वान ल्युदमीला ख़ख़लोवा, रूसी कवि अनातोली पारपरा, कवयित्री अनस्तसीया गूरिया, कवि सेर्गेय स्त्रोकन और लेखक व पत्रकार स्वेतलाना कुज्मिना शामिल थे.

लगभग दो दशक से लेखन-क्षेत्र में सक्रिए आलोक श्रीवास्तव की रचनाएं हिन्दी-साहित्य की सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं. वे फ़िल्म और टेलीविजन धारावाहिकों में लेखन-कार्य भी करते रहे हैं और उनकी ग़ज़लों व नज़्मों को जगजीत सिंह और शुभा मुद्गल जैसे कई ख्यातनाम गायक अपनी आवाज़ दे चुके हैं. ग़ज़ल-संग्रह 'आमीन' के लिए आलोक को मप्र साहित्य अकादमी का 'दुष्यंत कुमार पुरस्कार', 'हेमंत स्मृति कविता सम्मान' और 'परंपरा ऋतुराज सम्मान' जैसे कई प्रतिष्ठित साहित्यिक-सम्मान मिल चुके हैं लेकिन वे हिंदी के पहले ऐसे युवा ग़ज़लकार हैं, जिन्हें रूस का यह महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होगा.

आलोक से पहले यह सम्मान कवि उदयप्रकाश, लीलाधर मंडलोई, पवन करण, बुद्धिनाथ मिश्र, कहानीकार हरि भटनागर और महेश दर्पण आदि को दिया जा चुका है.


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