पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

बालाकृष्णन के ख़िलाफ़ जनहित याचिका

बालाकृष्णन के ख़िलाफ़ जनहित याचिका

नई दिल्ली. 5 जनवरी 2011
 

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर करके उनके व उनके परिजनों की संपत्ति की जांच करने की मांग की गई है. बालाकृष्णन अभी मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं.

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के एक वकील मनोहर लाल शर्मा द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया है कि जब बालाकृष्णन सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे तब उनके दामाद श्रीनिजन ने अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की. वर्ष 2006 में जब श्रीनिजन ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था तब उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 25 हज़ार रुपए बताई थी लेकिन जब बालाकृष्णन मुख्य न्यायाधीश थे तो उन्होंने सात करोड़ रुपए की संपत्तियाँ ख़रीदीं.

याचिका में परिजनों की आय से अधिक संपत्ति के विवाद की न्यायिक जाँच और केजी बालाकृष्णन को मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई है.

ज्ञात रहे कि इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीआर कृष्णा अय्यर ने भ्रष्टाचार के मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी.

उधर केरल के मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने इन आरोपों को गंभीर बताया और कहा कि इसकी जाँच जल्द से जल्द होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को श्रीनिजन के ख़िलाफ़ मिली शिक़ायतें सौंप दी है और उन्हें इसकी जाँच करने को कहा है. मामले को अविलंब देखा जाना चाहिए और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

दूसरी ओर इस विवाद के बाद जब कांग्रेस पार्टी ने श्रीनिजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया तो श्रीनिजन ने कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. केरल सरकार के सतर्कता विभाग की तरफ से भी जाँच शुरु कर दी है.

केरल के एडवोकेट जनरल ने केजी बालाकृष्णन के भाई के जी भास्करण को स्पेशल गवर्नर्मेंट प्लीडर के पद से इस्तीफ़ा देने को कहा है, जहां उन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये हैं. उन्होंने सरकार के समक्ष अपनी संपत्ति छुपाकर दस्तावेज जमा किये थे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in