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असीमानंद ने माना समझौता ब्लास्ट में हाथ

असीमानंद ने माना समझौता ब्लास्ट में हाथ

नई दिल्ली. 8 जनवरी 2011


स्वामी असीमानंद द्वारा फरवरी 2007 में हुए समझौता एक्सप्रेस बम धमाके मामले में शामिल होने की बात कबूल करने की खबर आने के बाद संघ में उबाल आ गया है. आरएसएस ने इसे हिंदू संगठनों के खिलाफ साजिश बताया है. संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा कि केंद्र सरकार लंबे समय से हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को जबरन अपराधिक मामलों में फंसा रही है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक असीमानंद ने सीबीआई के सामने कबूल किया है कि समझौता एक्स्प्रेस धमाके में हिंदूवादी संगठनों का हाथ था. स्वामी असीमानंद ने धारा 164 के अंतर्गत मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दिया है, जिसका इस्तेमाल बतौर सबूत किए जाने का प्रवाधान है.

फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट में 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें अधिकांश पाकिस्तान के निवासी थे. असीमानंद ने कथित रूप से कहा, "मैंने सभी से कहा है कि बम का जवाब बम से देना चाहिए और हिंदू चुप बैठे हैं जो ठीक नहीं है."

असीमानंद ने सीबीआई से कहा, "2005 में इंद्रेश आरएसएस के एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद साबरी धाम आए. उनके साथ आरएसएस के कई बड़े नेता भी थे. सुनील जोशी भी साथ थे. इंद्रेश जी ने हमें सबसे मिलाया. उन्होंने कहा कि बम बनाना हमारा काम नहीं है. मुझे आरएसएस की ओर से आदिवासियों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं. सुनील जोशी को बम धमाके का काम सौंपा गया था. उन्होंने कहा कि सुनील को जिस चीज की जरूरत होगी, हम उन्हें देंगे."

असीमानंद ने कहा, "मुझे यह भी पता चला कि सुनील जोशी और भरतभाई इंद्रेशजी से नागपुर में मिले थे और इंद्रेशजी ने भरतभाई की मौजूदगी में सुनील को 50 हजार रुपये दिए. कर्नल पुरोहित ने मुझसे एक बार कहा था कि इंद्रेशजी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट हैं और उनके पास यह साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज भी हैं. लेकिन उन्होंने कभी मुझे वो दस्तावेज नहीं दिखाए."

असीमानंद ने सीबीआई के सामने अपने बयान में मक्का मस्जिद और अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामलों से आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के कथित संबंधों के बारे में भी कई बातें कही हैं. उन्होंने यह भी बताया है कि किस तरह प्रज्ञा ठाकुर, सुनील जोशी, इंद्रेश कुमार और दूसरे लोगों ने देश भर में आतंकी हमले की साजिश रची.