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अमरीका ने किया था कंप्यूटर वायरस हमला

अमरीका ने किया था कंप्यूटर वायरस हमला

न्यूयार्क. 17 जनवरी 2011


अमरीका द्वारा अपना सारी तिकड़में अपना लेने के बाद भी अपनी परमाणु गतिविधियों को जारी रखने वाले ईरान के खिलाफ अमरीका ने कंप्यूटर वायरस के हमले किये थे. माना जा रहा है कि इन हमलों से ईरान की परमाणु हथियार बनाने की प्रक्रिया कई साल पीछे चली गई.

विकीलिक्स के रहस्योद्घाटन को अवैध बताने वाले अमरीका की इस हरकत का राज अमरीका के ही प्रतिष्ठित समाचारपत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने खोला है. इस अखबार के अनुसार इन देशों ने खास तौर पर स्टक्सनैट कंप्यूटर वायरस बनाया था. अमरीका ने ईरान के कंप्यूटरों पर स्टक्सनैट कंप्यूटर वायरस से इस तरीके से हमले किये कि उसके अधिकांश डाटा करप्ट हो गये या उनमें किसी न किसी तरह की खराबी आ गई.

अमरीका को इस हमले में मदद करने वालों में इसराइल भी शामिल था. इसराइल ने ही इस कंप्यूटर वायरस का परीक्षण किया. इसके लिये इसराइल के गुप्त परमाणु संयंत्र डिमोना को चुना गया.

परीक्षण के बाद इस वायरस से ईरान में परमाणु कार्यक्रम के लिए उपयोग में लाये जा रहे सैन्ट्रीफ़्यूजों पर हमला किया गया. इस हमले के कारण ये सैन्ट्रीफ़्यूज तेजी से घुमने लगे थे. स्टक्सनैट वायरस का हमला इस तरह का था कि किसी को इसका आभास ही नहीं हुआ. यहां तक कि सैन्ट्रीफ़्यूज के ठीक-ठीक काम नहीं करने पर जब ईरानी अधिकारियों द्वारा रिकार्डिंग देखी गई तो वहां सब कुछ सामान्य पाया गया. यह भी उस वायरस का कमाल था.


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