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संदीप पांडेय ने लौटाया सरकारी अवार्ड

संदीप पांडेय ने लौटाया सरकारी अवार्ड

नई दिल्ली. 2 फरवरी 2011


रोजगार गारंटी योजना के पैसे हड़पने वाले पंच और उसके पति पर कार्रवाई के बजाये शिकायत करने वाले ग्रामीणों की प्रताड़ना से दुखी देश के सुप्रसिद्ध समाजसेवी संदीप पांडेय ने केंद्र सरकार का रोज़गार जागरुकता अवार्ड वापस कर दिया है.

रमन मैगसेसे से सम्मानित संदीप पांडेय ने कहा कि जो सरकार अपनी जनता की आवाज़ अनसुनी कर दे, उस सरकार का अवार्ड रखना अनुचित है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है.

संदीप पांडेय का कहना था कि देश भ्रष्ट लोगों को राजनीतिक प्रश्रय दिया जा रहा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले के ऐरा काके मउ का उदाहरण देते हुये कहा कि इस गांव में पंचायत के पति ने पंचायत के 6 लाख से अधिक रुपये रख लिये लेकिन जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की तो उल्टा ग्रामीमों को ही पुलिस ने प्रताड़ित किया.

संदीप पांडेय के अनुसार इस मामले की शिकायत राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक की गई लेकिन दो साल बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में लोगों के बीच रोजगार गारंटी योजना को लेकर जागरुकता फैलाने के लिये मुझे दिया गया केंद्र सरकार का अवार्ड बेमानी लगता है. ज्ञात रहे कि इस अवार्ड के साथ प्रशस्ति और 44 हज़ार रुपये दिये जाते हैं.