पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

राजा की गिरफ्तारी से डीएमके में बवाल

राजा की गिरफ्तारी से डीएमके में बवाल

नई दिल्ली. 2 फरवरी 2011


2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसे पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर ए. राजा और उनके दो सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद से ही डीएमके में बवाल मचा हुआ है. पार्टी का एक वर्ग राजा को पार्टी से निकाले जाने के पक्ष में है तो दूसरा धड़ा उनके पक्ष में खड़े होने की हिमायत कर रहा है.

बुधवार को राजा और उनके राजदार दो सहयोगियों को जब सीबीआई ने गिरफ्तार किया तो डीएमके में राजा के पक्ष और विपक्ष में ठन गई. राजा के साथ-साथ सीबीआई ने राजा के पूर्व पर्सनल सेक्रेटरी आर. के. चंदोलिया और पूर्व टेलिकॉम सेक्रेटरी सिद्धार्थ बेहुरिया को भी गिरफ्तार किया है. स्पेक्ट्रम विवाद में 14 नवंबर 2010 को इस्तीफा देने के बाद से राजा से सीबीआई चार बार पूछताछ कर चुकी थी. बुधवार जब राजा को फिर सीबीआई ने पूछताछ के लिये बुलाया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

डीएमके कोटे से संसद पहुंचे राजा ने 18 मई 2007 को टेलिकॉम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली और 15वीं लोकसभा के लिए फिर से चुने जाने के बाद वह 31 मई 2009 से 14 नवंबर 2010 तक इस पद पर रहे. स्पेक्ट्रम आवंटन में गड़बड़ी पर कैग की रपट आने के बाद राजा को सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था. सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला करीब 1.77 लाख करोड़ रुपए का है. सीएजी ने यह आंकड़ा निकालने के लिए 3जी स्पेक्ट्रम आवंटन और मोबाइल कंपनी एस-टेल के सरकार को दिए प्रस्तावों को आधार बनाया है.

बुधवार को राजा की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री करुणानिधि के परिवार में ही फूट पड़ गई है. उनके बड़े बेटे और केंद्रीय खाद एवं रसायन मंत्री एमके अलागिरी ने हमेशा से ही ए राजा का विरोध किया है. टेलीकॉम घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने राजा को पार्टी से बाहर निकालने की धमकी दी, बाद में उन्होंने इस्तीफा देने की भी धमकी दी थी. अब राजा की गिरफ्तारी के बाद उनके तेवर फिर से बदले हुये हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि राजा की गिरफ्तारी के मुद्दे पर डीएमके दो फाड़ भी हो सकती है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in