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क्या तेंदूलकर देश से बड़े हैं

क्या तेंदूलकर देश से बड़े हैं

नई दिल्ली. 11 फरवरी 2011


ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदूलकर को विश्वकप समर्पित किये जाने की आलोचना करते हुये कहा है कि कोई भी खिलाड़ी टीम से ज्यादा बड़ा नहीं होता और टीम देश के लिये खेलती है.

ज्ञात रहे कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और युवा बल्लेबाज विराट कोहली सहित कई भारतीय क्रिकेटरों ने कहा कि वह तेंडुलकर के लिए यह विश्व कप जीतना चाहते हैं जिनका संभवत: यह अंतिम विश्व कप होगा.

एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुये उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में सचिन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और हर मुश्किल समय में उनका योगदान स्मरण करने लायक है लेकिन विश्वकप सचिन को समर्पित करना अच्छी चीज नहीं है.

स्टीव वॉ ने कहा कि भारत के एक अरब 20 करोड़ लोग अपनी क्रिकेट टीम के साथ होते हैं और ऐसे में आप किसी एक व्यक्ति के लिए विश्व कप जीतने की बात नहीं कर सकते. कोई भी एक खिलाड़ी, भले ही वो सचिन तेंदूलकर ही क्यों न हों, देश से बड़ा कैसे हो सकता है?

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Ashutosh Pandey [educationmantra@gmail.com] Rudrapur

 
  सचिन एक महान क्रिकेट खिलाड़ी जरूर हैं लेकिन जहां देश का सवाल हो वहां देश ही बड़ा है. अगर धोनी सिर्फ सचिन के लिए ही खेलते हैं तो ये तो देश के साथ खुला खिलवाड़ है. क्या सचिन खुद इस बयान से खुश होंगे?  
   
 

Pawan kumar pankaj [Pankaj120kumar@rediffmail.com] Patna-6,Bihar.

 
  देश से बढ़कर कोई नहीं होता.हमारा देश सर्वोपरि है.खुद सचिन इस तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहेंगे.वे काफी साफ छवि के इंसान हैं.आपके इस प्रस्तुति के लिए धन्यवाद कहता हूं. 
   
 

divya [dsp.hide@gmail.com] ahmedabad

 
  मेरी ये सोच है की ये सभी क्रिकेट खिलाड़ियों का प्यार है देश के लिए, क्रिकेट के लिए और सचिन जी के क्रिकेट में इतने लम्बे योगदान के लिए, जिन्होंने इस तरह से कह दिया. देश से बड़ा कोई नहीं होता और न ही होगा ये तो अटल सत्य है और ये गुजारिश है सभी लोगो से, मीडिया से की इस बात को इस तरह लेने का कोई मतलब ही नहीं है. 
   
 

sunder lohia [lohiasunder2 @gmail.com] Mandi ( H.P}.

 
  हमारे खिलाड़ी देश के लिए खेलते कब हैं? ये लोग तो कंपनियों के लिए विज्ञापन देने को राष्ट्रपति से राष्ट्रीय सम्मान पद्मभूषण आदि लेने से बेहतर समझते रहे हैं. ये कंपनियां ही इनके लिए भारतरत्न जैसा सम्मान दीखाने के लिए अपने पेड मीडिया को भोपू बनाते हैं ताकि देश का भारत रत्न उनके माल का ब्रांड अंबेसडर बन कर उनके लिए ज्यादा मुनाफा कमाने का जुगाड़ कर सके. स्टीव वॉ सचमुच का स्पोर्ट्समैन है जो देश के लिए खेला करते हैं. स्टीव वॉ को सलाम! 
   
 

Ghasilal khanna [donramson@hotmail.com] -----------

 
  पता नहीं लोगों को क्या हो गया. अपने आप को देश से भी सर्वश्रेष्ठ समझने लगे हैं. कभी कहते हैं- उन्हें भारत रत्न दो, कभी कहते हैं....वो इस खेल को जानते हैं और खेलते हैं. लेकिन सवाल यही है कि उन्होंने देश के लोगों के भले के लिये क्या किया है ? 
   
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