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मैं उतना दोषी नहीं हूं- मनमोहन

मैं उतना दोषी नहीं हूं- मनमोहन

नई दिल्ली. 16 फरवरी 2011


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के टीवी संपादकों के साथ बातचीत में कहा कि 2 जी स्पैक्टम में कथित घोटाले में वो जेपीसी समेत किसी भी समिति के सामने पेश होने को तैयार हैं.

एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा,''मैं ये नहीं कहता कि मुझसे ग़लती नहीं हुई लेकिन मैं उतना दोषी नहीं हूँ, जितना दिखाया जा रहा है. मैं अपनी ज़िम्मेदार समझता हूँ लेकिन गठबंधन सरकार की कुछ मजबूरी होती है. गठबंधन सरकार में कुछ समझौते करने पड़ते है.'

प्रधानमंत्री का कहना था कि उन्होंने पीएसी के सामने पेश होने की खुद पेशकश की थी. मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि कथित घोटाले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने एक सवाल के जवाब में जानकारी दी, ''मैंने 2007 में पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई थी. राजा ने मेरे पत्र का जवाब दिया था और कहा था कि वे इस मामले में पूरी तरह पारदर्शिता निभाई है और आगे भी निभा रहे हैं.''

मनमोहन सिंह ने कहा,''उस समय राजा ने मुझे बताया था कि ट्राई ने इसका विरोध किया था. बाद में दूरसंचार विभाग ने भी इस पर सहमति जताई थी कि 2-जी में नीलामी की आवश्यकता नहीं.''

उन्होंने कहा कि उस समय तक उन्हें नहीं पता था कि इतनी गंभीर चीज़ें हुई हैं, इसलिए उन्हें राजा को कैबिनेट को रखने पर आपत्ति नहीं थी. मनमोहन सिंह ने कहा कि हालाँकि कई शिकायतें आई थी, लेकिन उन्हें इसका अंदाज़ा नहीं था कि इतने गंभीर आरोप लगे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में कैसे राजा को शामिल किया जाए, उसके बारे में वे नहीं बताएँगे. लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये सरकार गठबंधन है और राजा और मारन द्रमुक की पसंद थे.

प्रधानमंत्री ने कहा,''पहले आओ और पहले पाओ की नीति के तहत किसको-किसको क्या मिला, इन सब बातों पर हमारे साथ या कैबिनेट में चर्चा नहीं हुई. ये दूरसंचार मंत्रालय का काम था. इसलिए मैंने इस बात पर ज़ोर नहीं दिया था. जब सभी संबंधित विभाग और मंत्रालय इसके पक्ष में नहीं, तो मैं क्यों इस पर ज़ोर दूँ.''

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मीडिया से अपील की कि वे ज़्यादा नकारात्मक ख़बरों को जगह न दे. उन्होंने कहा कि भारत की ऐसी छवि जा रही है कि भारत में एक भ्रष्ट सरकार है.

यह पूछे जाने पर कि सारे घोटालों पर सरकार की नींद तब क्यों खुलती है जब घोटाले मीडिया में सामने आते हैं? पीएम ने हंसते हुए कहा- मैं उतना दोषी नहीं जितना मीडिया ने प्रचार किया है. मुझसे भी गलतियां हुई हैं लेकिन जितना प्रचार किया जा रहा है, उतना दोषी नहीं हूं. देश यह गलत समझ रहा है कि उसका प्रधानमंत्री जेपीसी के सामने होने से डर रहा है.

राष्ट्रमंडल घोटाले की जाँच में प्रगति के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा,''समय लगता है, लेकिन मैं भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि ग़लती करने वाले छोड़े नहीं जाएँगे.''

मनमोहन सिंह ने कहा कि 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में राजस्व नुक़सान के बारे में कहा कि इसका आकलन करना मुश्किल काम है.

मनमोहन सिंह का कहना था कि भारतीय लोकतंत्र के प्रति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफ़ी सम्मान है. जब कभी भी मैं बाहर जाता हूँ, लोग भारतीय लोकतंत्र और यहाँ मानवाधिकार के प्रति हमारे रुख़ की सराहना करते हैं.

मनमोहन सिंह ने कहा कि संसद को जिन वजहों से रोका जा रहा है, वो मुझे नहीं समझ आ रहा है. घरेलू स्तर पर हमारे कई मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमें कोशिश करनी चाहिए कि हमारी ग़लत छवि बाहर न जाए.

मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार आंतरिक सुरक्षा को लेकर भी सजग है. जम्मू-कश्मीर में रोजग़ार पर रंगराजन समिति की रिपोर्ट तैयार हो रही है और उम्मीद है कि रोज़गार में बेहतर स्थिति आएगी. पूर्वोत्तर में स्थिति सामान्य हो रही है. उल्फ़ा के साथ बातचीत हो रही है. उल्फ़ा ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है, जो स्वागतयोग्य है.

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार महंगाई पर काबू पाने में सफल रहेगी और मुद्रा स्फीति सात फ़ीसदी तक पहुँचेगी. उनका कहना था कि हमने मौद्रिक नीति को कड़ा किया है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कई चीज़ों पर हमारा नियंत्रण नहीं है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि ये सच है कि पिछले महीनों में महंगाई बढ़ी है, लेकिन हम चाहते हैं इससे निपटने में विकास दर पर असर न पड़े. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी है और विकास दर 8.5 फ़ीसदी है.


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