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सीबीआई के सामने पेश हुए शौरी

सीबीआई के सामने पेश हुए शौरी

नई दिल्ली. 25 फरवरी 2011


पूर्व दूरसंचार मंत्री अरूण शौरी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के सिलसिले में आज सीबीआई के सामने पेश हुए.

ज्ञात रहे कि अरुण शौरी राजग सरकार में जनवरी, 2003 से मई, 2004 के बीच दूरसंचार मंत्री थे. 2जी स्पेक्ट्रम और दूरसंचार घोटाला सामने आने के बाद अरुण शौरी ने दावा किया था कि उन्होंने 2009 में प्रधानमंत्री को इस घोटाले के बारे में जानकारी दी थी. इसके अलावा सीबीआई को भी उन्होंने जानकारी देने की कोशिश की दोनों में से सहीं से भी जवाब नहीं मिला.

2 जी मामले में गठित शिवराज पाटिल आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा गया था कि एनडीए के कार्यकाल में टाटा टेलीसर्विसेज को मदद देने के लिए नीति बदली गई थी. इसके बाद शौरी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस रिपोर्ट के जरिए कपिल सिब्बल राजा को बचाने की कोशिश कर रहे है. इसके जवाब में कपिल सिब्बल ने कहा था कि शौरी जो कुछ कह रहे है उसे साबित करना चाहिए.

पाटिल रिपोर्ट में कहा गया था कि एनडीए के कार्यकाल में टाटा टेलीसर्विसेज को मदद देने बदली गई थी. साथ ही ए राजा के कार्यकाल में स्वान टेलीकॉम को फायदा दिया गया.

इन आरोपों के बाद अरुण शौरी ने कहा था कि पूर्व संचार मंत्री राजा ने 2008 में स्पेक्ट्रम आवंटन की प्राथमिकता सूची को बदल दिया और कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तारीखें घटा दीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनिंदा जज ने सरकार को अपनी रिपोर्ट दी जो इस मामले को पटरी से उतारने के लिए बहुत सुविधाजनक थी. बीजेपी नेता शौरी ने कहा कि मेरे पास ऐसे दस्तावेज हैं जिन्हें दबाया गया और कैग के सामने पेश नहीं किया गया. कैग ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि राजा द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन में सरकारी खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.


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