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लिबिया पर अमरीकी हमले की भारत ने की निंदा

लिबिया पर अमरीकी हमले की भारत ने की निंदा

नई दिल्ली. 21 मार्च 2011


भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने लीबिया पर अमरीका समेत पश्चिमी देशों के हवाई हमलों पर अफसोस जताते हुए कहा है कि यह संघर्ष बंद होना चाहिए. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस तरह के हमले पर हमें अफसोस है. हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि इस तरह के हमलों के विरोध का यह मतलब नहीं है कि हम कर्नल गद्दाफी का समर्थन कर रहे हैं.

ज्ञात रहे कि अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की सेनाओं ने लीबिया पर सैकड़ों मिसाइलें दागी और राजधानी त्रिपोली में कर्नल गद्दाफ़ी के दफ्तर को भी बमबारी में उड़ा दिया है. इतने हमलों के बाद भी अमरीका ने बेशर्मी से कहा है कि वह कर्नल गद्दाफ़ी को निशाना नहीं बना रहा है. अमरीका का कहना है कि वह कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ विद्रोह कर रहे लोगों पर हो रहे हमलों को रोकने की कोशिश कर रहा है.

अमरीका और दूसरे देशों के लिबिया पर हमले के बाद भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत लीबिया में हो रही हिंसा और वहां आम लोगों के लिए बिगड़ते हुए हालात पर अत्यंत चिंतित है. लीबिया पर ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका के हवाई हमले आम लोगों को, विदेशियों को, कूटनीतिक मिशनों और उनके लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

एसएम कृष्णा ने कहा कि भारत सभी देशों से अपील करता है कि वो हिंसा का रास्ता छोड़ें और अपने मतभेदों को सुलझाएं. भारत यह मानता है कि सभी पक्षों को शांतिपूर्ण वार्ताएं करनी चाहिए और इसके लिए संयुक्त राष्ट्र या किसी और क्षेत्रीय संगठन की मदद ली जा सकती थी.


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