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लोकपाल की मांग पर अन्ना हजारे आमरण अनशन पर

लोकपाल की मांग पर अन्ना हजारे आमरण अनशन पर

नई दिल्ली. 5 अप्रैल 2011

अन्ना हजारे


सुप्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हज़ारे लोकपाल विधेयक के मुद्दे पर मंगलवार से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में आमरण अनशन पर बैठ गये हैं.

अन्ना हजारे के इस अनशन को देश की पहली महिला आइपीएस अधिकारी किरण बेदी के अलावा योग गुरु बाबा रामदेव, आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर, मुस्लिम नेता महमूद मदनी आर्क बिशप विसेंट एम. कौंसेसाउ,अरविंद केजरीवाल व स्वामी अग्निवेश आदि ने भी अपना समर्थन देने का वादा किया है.

अन्ना हज़ारे ने लोकपाल पर सरकारी मसौदे को यह कहते हुए ख़ारिज़ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की तर्ज़ पर एक स्वतंत्र इकाई का गठन होना चाहिए राज्य और केंद्र स्तर पर जो भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में शिकायत सुने छह महीने में जांच करें और दोषियों को सज़ा दे.

आमरण अनशन पर बैठने से पहले उन्होंने कहा कि , 'मेरा जीवन राष्ट्र को समर्पित है,यदि इस दौरान मेरी जिंदगी भी कुर्बान हो जाए तो मुझे इसका अफसोस नहीं होगा.'

अन्ना हजारे ने कहा कि समूचे देश को भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए उपवास और प्रार्थना करनी चाहिए. हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खा रहा है और यह लंबे समय तक जारी नहीं रहना चाहिए. अब समय आ गया है कि देश को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लामबंद हो जाना चाहिए.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Bhola Nath Tyagi [bholanathtyagi@gmail.com] Bijnor

 
  अन्ना अब हजारे नहीं, अरबिया हैं. सारा देश उनके साथ है. साधुवाद. 
   
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