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झारखंड में 4 जजों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

झारखंड में 4 जजों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

रांची. 19 अप्रैल 2011


झारखंड सरकार ने राज्य के चार न्यायाधीशों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का फैसला किया है. झारखंड के मंत्रिमंडल सचिव आदित्य स्वरुप ने बताया कि मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया.

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर इन न्यायाधीशों के खिलाफ जांच की थी और उसमें इनका आचरण उचित नहीं पाया गया. जांच के आद धनबाद और दुमका के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमश: सुधीर कुमार सिन्हा और रागेन्द्र नाथ राय, रांची के उप न्यायाधीश और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ब्रिजेशचंद्र झा एवं उपन्यायाधीश दामोदर प्रसाद को जनहित में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी.

झारखंड सेवा नियमावली की धारा 74 के तहत राज्य के किसी भी न्यायिक अधिकारी को जांच में आचरण ठीक न पाए जाने पर तीस वर्ष की सेवा अथवा पचास वर्ष की उम्र पार करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है.

ज्ञात रहे कि इसी महीने छत्तीसगढ़ में भी 18 जजों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति या निलंबन की सजा दी थी. इसमें से कुछ जजों ने फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है.