पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >छत्तीसगढ़ Print | Share This  

पोस्टर फर्जी, बयान मेरे नहीं- अरुंधति राय

पोस्टर फर्जी, बयान मेरे नहीं- अरुंधति राय

रायपुर. 28 अप्रैल 2011


छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर में मिले अरुंधति राय, स्वामी अग्निवेश और अरुणा राय की तस्वीरों वाले पोस्टरों पर प्रसिद्ध लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने कहा है कि ये पोस्टर पूरी तरह से फर्जी हैं और इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.

arundhati-roy-poster-in-bastar

ज्ञात रहे कि बस्तर संभाग के नारायणपुर में अरुंधति राय, स्वामी अग्निवेश और अरुणा राय की तस्वीरों वाले कुछ पोस्टर मिले हैं, जिनमें इलाके के एक नरेगा कार्यकर्ता की माओवादियों और ठेकेदारों द्वारा की गई हत्या के लिये माओवादियों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है.

इस पोस्टर पर अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुये लेखिका अरुंधति राय ने कहा कि ये पोस्टर फर्जी हैं. उन्होंने कहा कि मैंने झारखंड में एक नरेगा कार्यकर्ता की हत्या पर बयान दिया था लेकिन छत्तीसगढ़ के इस तरह के किसी बयान उनकी जानकारी में नहीं है. अरुंधति के अनुसार, इस बात पर कोई यकीन नहीं करेगा कि मैंने कहा है कि ‘माओवादी गरीबों के दुश्मन हैं’.

क्या लिखा है पोस्टर में- कर्मठ नियामत अंसारी की जघन्य हत्या से माओवादियों और अपराधी तत्वों की मिलीभगत का पर्दाफाश !

नरेगा यूपीए सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत ग्रामीण बेरोजगारों की आर्थिक सहायता एवं 100 दिन के रोज़गार की गारंटी प्रदान की जाती है। नरेगा के एक कर्त्तव्यनिष्ठ कर्मी श्री अंसारी एवं उनके साथियों ने नरेगा कोष में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया था। इसी का बदला लेते हुए विगत 2 मार्च को श्री अंसारी को माओवादियों ने उनके घर से अगवा किया और बेरहमी से पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी।

निर्दोष एवं कर्मठ श्री अंसारी की इस हत्या पर अरुणा रॉय, अरुंधति रॉय एवं स्वामी अग्निवेश जैसे बुद्धिजीवियों ने निंदा करते हुए कहा हैः “नरेगा कार्यकर्ता नियामत अंसारी को पुलिस का खबरी बताते हुए जिस प्रकार स्थानीय माओवादियों ने उनकी जघन्य हत्या की है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे तो स्पष्ट है कि हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले ये माओवादी और कुछ भ्रष्ट ठेकेदारों ने मिलीभगत से नरेगा कोष लूटने के इरादे से यह अपराध किया है। हम सी पी आई (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी से इस विषय पर तुरंत एक स्पष्टीकरण और माफीनामे की मांग करते हैं। हम यह भी मांग करते हैं कि नियामत हत्या कांड की सी बी आई जांच करा कर इस अपराध में दर्ज एफ आई आर में आये सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर दंड दिया जाये”

राजनैतिक विचारधाराओं का नकाब पहने ये माओवादी विकास के ही नहीं, हर दरीब के भी दुश्मन हैं !

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

bhagatsingh [] raipur - 2011-04-29 01:40:59

 
  ये पोस्टर पुलिस ने ही छपवाये होंगे क्योंकि छत्तीसगढ़ के ही सरगुजा में एक-दो माह में कई फर्जी पोस्टर पुलिस ही टांग देती है, जिससे नक्सलियों का माहौल बना रहे और पुलिस और सरकार इनके नाम से धन आवंटन की लूट कर सकें. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in