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हत्यारे विधायक को उम्रकैद

हत्यारे विधायक को उम्रकैद

लखनऊ. 6 मई 2011


इंजीनियर मनोज गुप्ता हत्याकांड मामले में आरोपी बसपा विधायक शेखर तिवारी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. बसपा विधायक के साथ ही दस अभियुक्तों को भी शुक्रवार को लखनऊ की विशेष सत्र अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.

Shekhar-tiwari

अपर जिला जज वीरेन्द्र कुमार की पीठ ने मामले के आरोपी बसपा विधायक शेखर तिवारी के साथ-साथ अन्य अभियुक्तों विनय तिवारी, राम बाबू, योगेन्द्र दोहरे उर्फ भाटिया, मनोज अवस्थी, देवेन्द्र राजपूत, संतोष तिवारी, गजराज सिंह, पाल सिंह और डिबियापुर थाने के पूर्व प्रभारी होशियार सिंह को उम्रकैद तथा 68-68 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई.

शेखर तिवारी औरैया से बसपा के विधायक हैं. तिवारी की पत्नी विभा तिवारी को साक्ष्य मिटाने के जुर्म में ढाई साल कैद और साढ़े चार हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 23 दिसम्बर 2008 की रात औरैया के डिबियापुर थाना क्षेत्र में इंजीनियर मनोज गुप्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी. यह हत्या कथित रूप से मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के जश्न के लिये धन देने से मना करने पर की गई थी.

कहा जाता है कि मनोज गुप्ता ने खराब काम करने वाले कई ठेकेदारों का भुगतान भी रोक दिया था. राजनीतिक दबाव के बाद भी जब मनोज अपने कर्तव्य से नहीं हटे तो विधायक शेखर तिवारी ने मनोज के घर में रात में पहुंच कर पहले उन्हें मारा-पीटा, बिजली के झटके लगाये और उसके बाद उन्हें दिबियापुर थाने में यह कह कर थानेदार को सौंप दिया कि मनोज महिलाओं को छेड़ रहे थे और उन्हें जनता ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया है. इसके बाद मनोज की मौत हो गयी. थानेदार होशियार सिंह ने भी क्रूरता दिखाते हुये मनोज की लाश को अज्ञात शव बता कर अस्पताल में छोड़ दिया.

मायावती के राज में विधायक द्वारा की गई हत्या को लेकर जब विपक्ष और इंजिनियरों ने सरकार पर दबाव बनाया तो मायावती की सरकार ने इस मामले से पल्ला झाड़ लिया और सीबीआई से जांच की मांग भी अस्वीकार कर दी. सरकार ने कहा कि मामला कोर्ट में है, अब वहीं तय होगा.


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