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अम्मा-दीदी ने मार लिया मैदान

अम्मा-दीदी ने मार लिया मैदान

 

नई दिल्ली. 14 मई 2011

देश के चार प्रमुख राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुड्डुचेरी में हुए विधानसभा के अब तक आए नतीजों से कम से कम दो राज्यों में महिला राजनेताओं का मुख्यमंत्री बनना तय है. पश्चिम बंगाल में ‘दीदी’ के नाम से लोकप्रिय रेल मंत्री ममता बनर्जी का जादू चला है तो तमिलनाडु में ‘अम्मा’ यानी जे. जयललिता का डंका बजा है. असम की जनता ने तरुण गोगोई पर फिर से विश्वास जताते हुए उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया है.

पश्चिम बंगाल में पिछले 34 सालों का वामपंथी शासन खत्म कर तृणमूल कांग्रेस ने इतिहास रच दिया है वहीं तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) सत्ता में वापसी करने में सफल रही है. असम में कांग्रेस लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है. केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को वामदलों के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) से कड़ी टक्कर मिली लेकिन आखिरकार यूडीएफ बहुत कम अंतर से बहुमत हासिल करने में कामयाब रही. पुड्डेचेरी में कांग्रेस को झटका लगा है.

बंगाल में 294 विधानसभा सीटों में तृणमूल कांग्रेस को 184 और कांग्रेस को 40 सीटें मिली हैं. जबकि लेफ्ट के खाते में 41 सीटें गई हैं. अन्य प्रत्याशियों की संख्या 29 है. इस बीच, ममता बनर्जी ने कांग्रेस और एसयूसीआई को सरकार में शामिल होने का न्यौता दिया है. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य 24 दक्षिण परगना जिले की जादवपुर विधानसभा सीट से तृणमूल प्रत्याशी मनीष गुप्ता के हाथों 16,684 मतों के अंतर से हार गए. गुप्ता को 1,03,972 वोट मिले, जबकि भट्टाचार्य को 87,288 वोट मिले. भट्टाचार्य यहां से 1987 से जीतते रहे हैं. 1967 में मार्क्सऔवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के गठन के बाद यह पहली बार है, जब पार्टी को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा. राज्य सरकार के कई मंत्री भी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से हार गए हैं.

केरल की कुल 140 सीटों के नतीजे आ चुके हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 72 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस एलडीएफ को 68 सीटें मिली हैं. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरी है. उसने 45 सीटें जीती है जबकि कांग्रेस ने 38, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमेटी ने 20, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 13, केरल कांग्रेस ने नौ, जनता दल (सेक्यूलर) ने चार, रिव्योल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने दो-दो सीटें जीती हैं. सात सीटें अन्य के खाते में गई हैं.

पुड्डुचेरी की सभी 30 सीटों के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने सबसे अधिक 15 सीटों पर कब्जा जमाया है और वह सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में यहां उभरी है. सात सीटों पर कांग्रेस, पांच सीटों पर ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और दो सीटों पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने जीत दर्ज की है. एक अन्य के खाते में गई है. यह नतीजे कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को तगड़ा झटका है जबकि उसकी विरोधी पार्टियों को फायदा पहुंचा है. 30 सदस्यों वाले विधानसभा में कांग्रेस गठबंधन के पास मात्र नौ सदस्य होंगे. जबकि 21 सीटें विरोधियों के पक्ष में गई हैं.

तमिलनाडु में 234 सीटों में से एआईडीएमके को 151, डीएमडीके को 29, डीएमके को 22 सीटें मिली हैं. जयललिता तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेगी. एआईएडीएमके ने 15 तारीख को विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री पद पर फैसला होगा.


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