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महेंद्र सिंह टिकैत का निधन

महेंद्र सिंह टिकैत का निधन

 

नई दिल्ली. 15 मई 2011

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह टिकैत का रविवार को मुज़फ्फरनगर में निधन हो गया. 76 साल के टिकैत पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे.

हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान समस्याओं को लेकर पिछले 30 सालों से सक्रिय रहे महेंद्र सिंह टिकैत पूरे देश में अपनी तरह के तेवर के लिये जाने जाते थे. दिल्ली के वोट क्लब हो या लखनऊ की विधानसभा, टिकैत के उठाये मुद्दे लगातार गूंजते थे. पिछले दिनों वो खाप पंचायतों के पक्ष में सरकारी निर्णय का विरोध करने के कारण चर्चा में आये थे.

टिकैत का जन्म 1935 में मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव में एक जाट परिवार में हुआ था. किसानों की गरीबी और राजनीतिक सत्ता तक अपनी आवाज पहुंचाने में उनकी असफलता को टिकैत ने अपना मुख्य हथियार बनाया.

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के निधन के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक किसान आंदोलन की बागडोर अपने हाथों में ले ली और 17 अक्तूबर 1986 को गैर राजनीतिक संगठन ‘भारतीय किसान यूनियन’ की स्थापना की.

टिकैत के नेतृत्व में हुए आंदोलनों में 1987 में कारमुखेड़ा पावर हाउस का घेराव, 1988 का मेरठ मार्च, मार्च-जून 1988 में 110 दिन चला राजाबपुर सत्याग्रह, 1989 में नइमा (अपहृत मुस्लिम लड़की) वापस लाओ आंदोलन प्रमुख था.

वर्ष 1990 में जनता दल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, लखनऊ पंचायत का आयोजन एवं सात सूत्री मांग को लागू करने के लिए आंदोलन, गाजियाबाद के किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रदर्शन, चिन्हट काथुआटा के किसानों की अधिग्रहित भूमि के पर्याप्त मुआवजे के लिए आंदोलन आदि शामिल है.

इसके अलावा उन्होंने कई बार विश्व व्यापार संगठन और सरकार की कृषि नीति का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया.साल 2008 में मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ कथिततौर पर अपमानजनक भाषा का उपयोग करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था.