पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

पीएम और सीजे लोकपाल के दायरे से बाहर रहें- रामदेव

पीएम और सीजे लोकपाल के दायरे से बाहर रहें- रामदेव

 

नई दिल्ली. 1 जून 2011

अन्ना हजारे के अनशन के बाद दौड़ में पीछे रह गये बाबा रामदेव लगातार नये विचारों के साथ कदमताल कर रहे हैं और अन्ना के साथ की अपनी दूरी को भी जाहिर कर रहे हैं. मंगलवार को मध्यप्रदेश के सिहोर में भी बाबा रामदेव ने अन्ना हजारे के उलट लोकपाल में पीएम और मुख्य न्यायाधीश को अलग रखने की मांग की है.

बाबा रामदेव ने आवासीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के विशाल मैदान में लोगों को योगासनों का अभ्यास कराने के बाद कहा, 'देश के प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश का पद गरिमापूर्ण पद है और इसे प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के दायरे से मुक्त रखा जाना चाहिए.'

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होना चाहिए. लोकसभा के लिए होने वाले चुनाव के साथ ही देश की जनता को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वह अपने प्रधानमंत्री का चुनाव भी सीधे तौर पर कर सके. इसके अलावा चुनाव का खर्च सरकारी तौर पर उठाने से चुनाव के लिए राजनीतिक दलों द्वारा लिए जाने वाले चंदे से काले धन को दूर रखा जा सकेगा.'

रामदेव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुये लोकपाल का मसौदा तैयार करने वाली कमेटी के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शायद योग गुरू इस मसले से पूरी तरह अवगत नहीं हैं इसलिए उन्हें यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि इसकी जरूरत क्या है. उन्होंने कहा कि यदि पीएम को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा जाता है तो 10 सरकारी महकमे लोकपाल बिल के दायरे से बाहर हो जाते हैं जो प्रधानमंत्री के नियंत्रण में हैं. ऐसा हुआ तो अन्य मंत्री भी रिश्वत देने वालों को पीएम को घूस देने को कहेंगे जिन्हें किसी भी जांच से छूट मिली है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in