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जिंदल के खिलाफ लड़ने वाले को पुलिस प्रताड़ना

जिंदल के खिलाफ लड़ने वाले को पुलिस प्रताड़ना

रायपुर. 3 जून 2011


छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले सहित आसपास के उद्योगों के विरूद्ध मोर्चा खोलने वाले सामाजिक कार्यकर्ता एवं जन चेतना मंच के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल को जिंदल स्टील के खिलाफ लड़ना महंगा पड़ा है. स्थानीय पुलिस तरह-तरह से रमेश अग्रवाल को प्रताड़ित कर रही है. प्रताड़ना के इस दौर में ताजा मामला रमेश को गिरफ्तारी के दौरान अस्पताल में रहते हुये हथकड़ी लगाने का है. हालांकि जिला चिकित्सालय में भर्ती के दौरान लगाई गई हथकड़ी के मामले में पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने जांच के आदेश दिये हैं.

ramesh-agrawal-raigarh


गौरतलब है कि कुछ माह पहले तमनार के पास जिंदल स्टील एण्ड पॉवर लिमिटेड की पर्यावरणी स्वीकृति दिये जाने हेतु आयोजित जनसुनवाई के दौरान विरोध में अपना पक्ष रखते हुए जेएसपीएल के खिलाफ रमेश अग्रवाल और डॉ. हरिहर पटेल ने जो बातें कहीं थी उसे अपमानजनक और लोगों को शांति भंग करने के लिये उकसाने वाला बताते हुए जिंदल प्रबंधन की ओर से घरघोड़ा में जे.एम.एफ.सी. के न्यायालय में परिवाद-पत्र प्रस्तुत किया गया था. सुनवाई के बाद अदालत ने तमनार थाने को रमेश अग्रवाल, डॉ. हरिहर पटेल, राजेश त्रिपाठी एवं अन्य के विरूद्ध आई.पी.सी. की दफा 294, 500, 501, 502, 503, 504, 505 एवं 506 के तहत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया था.

इसी मामले में 28 मई को रायगढ़ के ईतवारी बाजार में स्थित रमेश अग्रवाल के घर में सुबह चार बजे से क्राईम ब्रांच की टीम सहित रायगढ़ सिटी कोतवाली के दो दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी नगर थाना प्रभारी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पहुंचे थे. तडक़े रमेश अग्रवाल को जगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके साथी हरिहर पटेल को भी तमनार क्षेत्र से देर रात दो बजे गिरफ्तार किया. दोनों को घरघोड़ा न्यायालय में पेश किया था. इन दोनों की जमानत याचिका न्यायाधीश ने खारिज कर दी थी. इस पूरे प्रकरण के दौरान 29 मई की रात रमेश अग्रवाल की तबीयत जेल के भीतर खराब हो गई. 30 मई की दोपहर उन्हें रायगढ़ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. इस दौरान जेल के सुरक्षा प्रहरी ने एक कुख्यात अपराधी की तरह रमेश अग्रवाल को हथकडिय़ों में जकडक़र रखा था. जबकि रमेश अग्रवाल आरटीआई कार्यकर्ता के साथ-साथ समाज में अपना अलग स्थान रखते हैं और विचाराधीन बंदी होने के चलते उन्हें इस प्रकार हथकडिय़ों में नहीं रखा जाना था.

इस मामले की शिकायत जब रमेश अग्रवाल के पुत्र रमन अग्रवाल एवं छोटू अग्रवाल ने जिला पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा से की तब पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसकी जांच के आदेश देते हुए डीएसपी उनेजा खातुन को जांच अधिकारी नियुक्त किया. इस आदेश के तत्काल बाद डीएसपी उनेजा खातुन जिला चिकित्सालय में भर्ती रमेश अग्रवाल तथा उनके एक साथी राधेश्याम शर्मा के अलावा चारो सुरक्षा प्रहरियों के बयान दर्ज किए.

उल्लेखनीय है कि रमेश अग्रवाल व हरिहर पटेल की जमानत याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा रद्द कर दी गई है. इसके बाद मामला हाई कोर्ट जाने की संभावना है. यहां यह बताना लाजिमी होगा कि रायगढ़ जिले में पहली बार किसी सामाजिक कार्यकर्ता के विरूद्ध मामला दर्ज होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है. न्यायालय द्वारा इनकी जमानत नहीं दिये जाने से रमेश अग्रवाल के समर्थकों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने आंदोलन का रूप अख्तियार करते हुए उद्योगपति व सांसद नवीन जिंदल के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए पुतला दहन भी किया है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

ayush agrawal [aa66319@gmail.com] rajgangpur,orissa - 2011-06-10 09:01:58

 
  Ramesh Agrawal is a social activists and is working to save the environment in the interest of state and nation.He had been illegally arrested under the pressure of J.S.P.L. 
   
 

jerome gerald kujur [jeromgkujur@gmail.com] Ranchi jharkhand - 2011-06-04 04:24:50

 
  रमेश की गिरफ्तारी कोई आश्चर्य की बात नहीं है. यह बात अब सर्वविदित हो गई है कि सरकारें अब जनता के साथ नहीं, उद्योगपतियों के पक्ष में खड़ी हैं. इसके बाद भी रमेश जैसे लोगों को जनता के पक्ष में खड़ा होना होगा. हमें अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी. साथी लड़ेंगे तो जीतेंगे. 
   
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