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विकास तो दिखाई दे रहा है !

एडवर्टोरियल: छत्तीसगढ़

 

विकास तो दिखाई दे रहा है !

सुखदेव कोरेटी | प्रकाश पांडेय


प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सरकारें आती हैं - चली जाती हैं लेकिन वही सरकार जनता के बीच उनके लिए किये गए कार्यों का लेखा-जोखा लेकर जाने का साहस करती है जो पूरी पारदर्षिता व सच्चे मन से जनता की बेहतरी तथा राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करती है । विकास यात्राओं के जरिये छत्तीसगढ़ सरकार यही कार्य कर रही है । विकास यात्राओं के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता से सीधे संवाद करते हैं और इस क्रम में उनकी दुःख तकलीफों आदि की जानकारी लेकर राज्य शासन से उनकी अपेक्षाओं को भी टटोलने का प्रयास करते हैं, ताकि उनका और अधिकाधिक कल्याण व विकास किया जा सके और आनेवाले दिनों में अपना प्रदेश देश के अव्वल राज्य के रूप में स्थापित हो सके । याने राज्य सरकार द्वारा विकास के लिए विकास यात्रा की जा रही है ।

यही कारण तो प्रदेश की जनता उन्हें सदैव उम्मीदभरी नजरों से देखती है - चाहे वह शिक्षक हो या विद्यार्थी, मजदूर हो या किसान, व्यापारी हो या कर्मचारी, बालक हो या वृद्ध - उनसे भेंट करने का मतलब होता है - समाधान,उनसे भेंट करने का मतलब होता है - निर्माण, उनसे भेंट करने का मतलब होता है - उत्थान, उनसे भेंट करने का मतलब होता है - खुशी, संतोष, प्रगति व विकास ! लोग भरी दोपहरी में विकास यात्रा में शरीक होते हैं उनके चेहरे की चमक बताती है कि उनके जीवन में खुशहाली शुमार है पर वे अभी और आगे बढ़ना चाहते हैं । प्रगति करना चाहते हैं तभी तो वे विकास आह्वान की भीड़ में बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं और जनता की यह उत्सुकता व लालसा समृद्ध छत्तीसगढ़ की कल्पना को साकार करने में फलीभूत होते दिखता है ।

एक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा था - गरीबों के आंसू पोंछने की बातें करते रहने से कुछ नहीं होगा । हमारी सरकार ने तो ऐसे काम किऐ हैं जिससे गरीबों की आंखों में आंसू न आए । किसानों के खेत की प्यास मिटाना हो या गरीब के पेट की भूख- ऐसी हर समस्या के समाधान की योजनाऐं हमने लागू की है । सिर्फ योजनाऐं बनाने तक सीमित नहीं रखा ।

विश्वसनीय छत्तीसगढ़ के शिल्पी ने वास्तव में जो कहा वह कर दिखाया । पिछले दिनों विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा- ’अगर किसी राज्य में किसी एक व्यक्ति को भी भूखा रहने के लिए मजबूर होना पड़े और भूखा सोना पड़े तो उस राज्य के मुख्यमंत्री को नींद नहीं आनी चाहिए । उन्होंने कहा कि - ’’ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में ऐसी पुख्ता इंतजाम की है कि छत्तीसगढ़ में अब न तो कोई भूखा रहेगा और न ही कोई इलाज से वंचित ।’’ यह उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है ।

दूसरे प्रदेशों से यहां आनेवाला हर व्यक्ति ने राज्य की प्रगति व कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की । अभी हाल में - कबीरपंथ के संत असंग साहेब प्रदेश की तरक्की से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से कहा कि - आपके नेतृत्व में राज्य की तरक्की से हम कबीरपंथी काफी प्रभावित हैं और हमारा तो यह मानना है कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि आप इस राज्य के मुख्यमंत्री हैं और आपके हाथों लाखों लोगों का भला हो रहा है । गौर करने की बात तो यह है कि राज्य सरकार ने सिर्फ भौतिक उपलब्धियों व अधोसंरचनाओं के विकास पर ध्यान नहीं दिया बल्कि जनता के दुःख-दर्द को कम करने का प्रयास किया है ।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी छत्तीसगढ़ ने मिसाल कायम की है । उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण 33% से बढ़ाकर 50% कर दिया है । कन्यादान योजना के जरिये सरकार ने माता-पिता को कन्या के विवाह की चिंता से मुक्ति दिलायी है यही कारण तो मुख्यमंत्री कहते हैं - "प्रदेश में गरीबी के कारण किसी भी बेटी की शादी नहीं रूकेगी । गरीब परिवारों को अपनी बेटियो की शादी के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है ।’’ किसी प्रदेश की इससे अच्छी जवाबदेह सरकार और कौन हो सकती है जो गरीबों को ऐसी गारंटी और माता पिता सा प्यार देकर आश्वस्त करे कि बेटी की शादी के लिये उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है । मुख्यमंत्री कन्यादान योजना कुछ एैसी ही गारंटी प्रदान करती है । उसी तरह एक अन्य परियोजना है -संजीवनी । यह निःशुल्क सेवा दुर्घटना व संकटग्रस्त लोगों के लिए यह देवदूत साबित हुआ है । मुक्तांजली निःशुल्क शव वाहन सेवा भी इसी तरह की एक योजना है । इन योजनाओं के द्वारा राज्य सरकार लोक कल्याणकारी राज्य की उस अवधारणा को मूर्त रूप दे रही है जिसमें कहा जाता है कि सरकार एक व्यक्ति के जीवन प्रारंभ होने से उसके अंतिम यात्रा तक की चिंता करती है ।

यदि कोई सरकार बिना किसी आर्थिक भेदभाव के प्रदेश के 56 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा की सुरक्षा दे रहा है तो यह बहुत बड़ी बात है, यदि कोई सरकार खाद्य सुरक्षा कानून बनाकर प्रदेश के 42 लाख परिवारों को भूख से मुक्ति दिलाने कानून बनाती है तो यह बहुत बड़ी बात है । देश में शायद ही किसी राज्य सरकार ने ऐसी कानून व एैसी योजना बनाकर लोगों के जीवन में निःश्चिंतता व खुशहाली लाने का प्रयार किया हो ।

जनता की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अनेक योजनाऐं बनायी है - विभिन्न योजनाओं के द्वारा हो रही बेहतरी ही तो विकास है, विकास का प्रतीक है । विकास तो दिखाई दे रहा है !

2 जुलाई 2013


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