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इस अंक में

 

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कविता - सादगी (हेनरी मीहोक्स)

विश्व कविता
अंग्रेज़ी से भाषान्तर : पीयूष दईया
 

सादगी
हेनरी मीहोक्स
1899-1984 , बेल्जियन कवि
 



खासकर जो मेरे जीवन में छूटता रहा है अब तक वह सादगी है. शुरू कर रहा
हूं तिनका तिनका अपने को बदलना.

बतौर मिसाल , अब मैं बाहर जाता हूं हमेशा अपने बिस्तरे को लेकर और जब
कोई औरत मुझे भाती है, मैं लेता हूं उसे और जाता हूं बिस्तर पर उसके साथ
फौरन.
 
अगर उसके कान भद्दे और बड़े हैं या उसकी नाक, उन्हें मैं उसके कपड़ों सहित
हटा देता हूं और रख देता हूं बिस्तर के नीचे, उसे वापस देने के वास्ते जब
वह जाती है ; मैं रखता केवल वहीं हूं जो मुझे पसंद है.

अगर बदल लेने पर उसके अन्तरीय बेहतर लगने लगे पहले से तो उन्हें मैं
फ़ौरन बदल देता हूं। यह मेरा तोहफा है। लेकिन मैं उससे अच्छी दिखती एक
औरत को जाते देख लूं अगर , मैं पहली से लेता हूं माफ़ी मांग और उसे
उड़नछूं कर देता हूं पलक झपकते.

मुझे जानने वाले लोग दावा करते हैं कि मैं वह करने के काबिल नहीं जिसका
बयान मैंने किया है अभी-अभी , कि इतना जोशीला जीवट नहीं मुझमें। ऐसा
कभी अपने लिए मैंने सोचा था , लेकिन यह था क्योंकि मैं सब कुछ तब नहीं
कर रहा था बिलकुल वैसे जैसे मुझे अच्छा लगता.

अब हमेशा है मेरे पास शानदार दोपहरें. ( सुबह में मैं काम करता हूं. )

 

04.05.2008, 00.05 (GMT+05:30) पर प्रकाशित


 


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