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अब छत्तीसगढ़ में सुभाष चंद्र बोस

अब छत्तीसगढ़ में सुभाष चंद्र बोस

रविवार संवाददाता

रायगढ़, छत्तीसगढ़ से

कार्यालय पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ (छ.ग.)
क्रमांकः पुअ/ राय/ सीसी/ ए/ 701-ए/ छग/ 21-ए/ 07 दिनांक 20.08.07

प्रति,
उप पुलिस महानिरीक्षक

नेताजी जिंदा हैं ?

शिवकुमार का दावा कोई इकलौता मामला नहीं है. देश में नेता जी के जिंदा होने के अलग-अलग दावे होते रहे हैं.

(शिकायत)
पुलिस मुख्यालय, रायपुर

विषयः नेताजी सुभाष चंद्र बोस के फोटोग्राफ्स के संबंध में

संदर्भः आपका पत्र क्रमांक/ पुमु/ ज. शिका/ निवा/ 15/07 दिनांक 7.5.07

संदर्भित पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें. शिकायत पत्र की जांच थाना कोतवाली रायगढ़ से कराई गई है. जांच पर पाया गया कि आवेदक शिवलाल केवला बाड़ी, बस स्टैंड, रायगढ़ से कथन लिया गया. आवेदक ने अपने कथन में बताया कि इनके भांजा हितेश कुमार सिंघानियां की शादी मंगलम विवाह घर रायगढ़ में दिनांक 27.1.05 को हुई जिसमें 111 (एक सौ ग्यारह) वर्षीय नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, प्रथम राष्ट्रपति आजाद हिंद सरकार आशीर्वाद देने पहुंचे थे.


आवेदक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का अनुयायी है, जो आज भी उनको जीवित होना मानते हैं. मामला पुलिस हस्तक्षेप योग्य अपराध का होना नहीं पाया गया.


जांच प्रतिवेदन सादर प्रस्तुत है.


पुलिस अधीक्षक
रायगढ़



छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगरी रायगढ़ में पिछले कई सालों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जिंदा होने का दावा किया जाता रहा है. दावेदार हैं इसी शहर के व्यवसायी 48 साल के शिवकुमार अग्रवाल.

शिवकुमार अग्रवाल ने सुभाष चंद्र बोस के जिंदा होने के दावे के साथ पिछले कुछ सालों में देश और दुनिया के कितने लोगों को चिट्ठी लिखी, इसका कोई आंकड़ा उनके पास नहीं है लेकिन अकेले देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ही उनके द्वारा लिखे गए पत्रों और दस्तावेजों की संख्या सैकड़ों में होगी. जाने कितनी बार तो उन्होंने सरकारी नोटरी के समक्ष अपने दावे को सत्यापित करने के दस्तावेज पेश किए हैं.

देश के अलग-अलग जांच एजेंसियों को अब तक कई पत्र लिख चुके शिवकुमार अग्रवाल कहते हैं- “ अगर सरकार नेताजी की सुरक्षा को लेकर मुझे आश्वस्त करे तो मैं उनका पता बताने को तैयार हूं.”

रायगढ़ आए थे

शिवकुमार के अनुसार वे पिछले कई सालों से नेताजी के संपर्क में हैं और तीन साल पहले उनके अनुरोध पर नेताजी रायगढ़ भी आ चुके हैं.

उनके अनुसार “27 जनवरी 2005 को मेरे भांजे हितेश कुमार सिंघानियां की शादी मंगलम विवाह घर, रायगढ़ में थी. मेरी प्रार्थना पर 111 साल के नेताजी सुभाषचंद्र बोस आशीर्वाद देने स्वयं पहुंचे.”

शिवकुमार अग्रवाल के अनुसार “ मेरी ही प्रार्थना पर मेरे पिताजी के साथ एक फोटो खींचने की अनुमति नेताजी ने दी और कहा कि इस फोटो में से मेरी फोटो अलग करके उसका सदुपयोग करने के लिए आप स्वतंत्र हैं. ”

नेताजी को किससे खतरा है और नेताजी आपके ही संपर्क में क्यों हैं ? इसके जवाब में शिवकुमार अग्रवाल कहते हैं- “ वक्त आने दें, सारे राज अपने आप खुल जाएंगे . ”

हालांकि 12 लाख की आबादी वाले रायगढ़ शहर में शिवकुमार अग्रवाल की बातों से सहमत लोगों की संख्या कम नहीं है लेकिन बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो इसे केवल शिवकुमार की आस्था से जोड़ कर देखते हैं.

रायगढ़ के पत्रकार गणेश अग्रवाल कहते हैं- “ यह सस्ती लोकप्रियता पाने का मामला नहीं है और ना ही शिवकुमार अग्रवाल की मानसिक हालत खराब है. असल में सारा मामला उनकी व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है.”

आस्था का मुद्दा

गणेश अग्रवाल के अनुसार नेताजी के प्रति शिवकुमार की इतनी गहरी आस्था है कि वे समय-समय पर नेताजी के जिंदा होने के दावे को सच मान बैठे हैं और कहीं न कहीं उससे अपने को जोड़ कर चल रहे हैं.

युवा चिकित्सक डॉक्टर विकास कुमार बताते हैं- “ कई मामलों में ऐसा होता है, जब कोई व्यक्ति अपनी कल्पना को ही सच मानने लग जाता है और उसे वह सब कुछ दिखाई-सुनाई पड़ने लग जाता है, जो असल में उसकी कल्पना का हिस्सा होता है.”

पिछले वर्ष रायगढ़ के एक राजनीतिक कार्यकर्ता जयंत बहिदार ने जब पुलिस अधीक्षक, रायगढ़ से सूचना के अधिकार के तहत इस पूरे मामले की जानकारी चाही तो पुलिस ने शिवकुमार अग्रवाल का बयान लेकर अपनी जांच पूरी कर ली और राज्य पुलिस मुख्यालय को अपना जवाब पेश कर दिया. (ऊपर का पत्र)

लेकिन सवाल उठता है कि अगर शिवकुमार अग्रवाल की बात में दम है तो पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाने से क्यों बचना चाह रही है ? और अगर शिवकुमार की बातें बेबुनियाद हैं तो लगातार एक अभियान की तरह नेताजी को जिंदा बताने की शिवकुमार की कोशिश को रोकने की दिशा में वह पहल क्यों नहीं कर रही ?

 

18.05.2008, 07.52 (GMT+05:30) पर प्रकाशि

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Kriishnamohan(kriishmb@gmail.com)

 
 Stop making business...on Netaji. He died years ago.. 
   
 

guddo(guddolulla1@yahoo.com)

 
 aadernia bhai
yadi neta jee kaa chitre 111 versh kee aauo mai kia hai to aap usse chtre ankan kere
mane neta jee kai 1943 mai delhi mai darshan kia thei
 
   
 

तुषार मुखर्जी।

 
 बड़ी दिलचस्‍प बात है. यह सही है कि नेताजी की मौत एक रहस्य है. पर इस घटना के बारे में मैं पहली बार सुना. मेरा यह मानना है कि कोई मनोवैज्ञानिक कारण हो न हो, सरकार को शिवकुमार जी की बातों की जाँच करानी चाहिए. शायद कोई तथ्य निकल कर सामने आए. 
   
 

sunita deheri()

 
 mai raigarh jile ki rahne wali hun, par aaj tak mujhe subhas chandra bose netaji ke baare mei yeh nahi pataa tha ki raigarh mein unke baare mein aisi baat hai. raviwar .com ke karan ye jaankaari mil sakaa. ummid hai ki isse aage bhi is sambandh mein jaankaari raviwar ke agle ank mein padhne ko milega. 
   
 

kaduvasach.blogspot.com(shyamkoriuday@gmail.com)

 
 दिलचस्प समाचार है, शिवकुमार की आस्था पर सन्देह नही है, किंतु तथ्यात्मक जाँच आवश्यक है, यह अपेक्षा है कि प्रमाणित तथ्योँ के साथ फालो-अप फिर पढ्ने मिलेगा । 
   
 

guddo(guddolulla1@yahoo.com)

 
 kia pritikria likhe jee aaz bharat ko neta jee or gokhle jee kee aavshakta hai .veh samay aaz bhee aankhon kee samne hai jab aluminium kee bartan kaa sangreh kerti thee .veh sabd mujhe khoon do mai tumehn aazadi doonga .itihas kee sunhere shabdo mai aaz bhee yah samne aankhon mai tair rehe hain 
   
 

guddo(guddolulla1@yahoo.com)

 
 kia pritikria likhe jee aaz bharat ko neta jee or gokhle jee kee aavshakta hai .veh samay aaz bhee aankhon kee samne hai jab aluminium kee bartan kaa sangreh kerti thee .veh sabd mujhe khoon do mai tumehn aazadi doonga .itihas kee sunhere shabdo mai aaz bhee yah samne aankhon mai tair rehe hain 
   
 

visitor no. 1

 
 I think that it is better that raviwar brings some more interesting facts about 'raigarh's netaji' which will make the news more mysterious . 
   
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