<?xml version="1.0" encoding="utf-8" ?><rss version="0.91"><channel><title>Raviwar Exclusive RSS</title><link>http://raviwar.com</link><description>&#2352;&#2357;&#2367;&#2357;&#2366;&#2352; : &#2361;&#2367;&#2344;&#2381;&#2342;&#2368; | Raviwar : Hindi</description><language>en-us</language><image><title>Raviwar Exclusive RSS</title><url>http://raviwar.com/images/logo.gif</url><link>http://raviwar.com</link><width>144</width><height>70</height></image><item><title>लेकिन असली नायक कहां हैं?</title><link>http://raviwar.com/news/702_satyamev-jayate-and-amir-khan-devinder-sharma.shtml</link><description><b>
			</b>कन्या भ्रूण हत्या के बारे में क्या जनता को पहली बार एक फिल्म सितारे के जरिये ही यह पता चला है? यह आज के पढ़े-लिखे और सीखे-सिखाए समाज का चेहरा दिखाता है. आपके परिवार को कन्या भ्रूण हत्या के बारे में शिक्षित होने के लिए एक सिलेब्रिटी की जरूरत है? क्या हमारे जागने का केवल यही एक उपाय है कि एक सिलेब्रिटी हमें आकर जगाए? वरना हम बेफिक्र और अनभिज्ञ रहेंगे.<br />
देविंदर शर्मा के सवाल</description></item><item><title>बौद्धिक बेहूदगी और बेहद बौद्धिक अंबेडकर</title><link>http://raviwar.com/news/701_bhim-rao-ambedkar-and-cartoon-kanak-tiwari.shtml</link><description><b>
			</b>शंकर का अंबेडकरीय कार्टून एक आम आदमी की उस व्यग्रता और कुलबुलाहट का प्रतीक है, जो 1949 के भारत के इतिहास का थर्मामीटर है. कार्टून देश के उस बहुमत निरक्षर वर्ग का शिक्षक और सहायक भी होता है, जो पोथियां पढ़ने के बदले कार्टून के अवलोकन के जरिए अपनी कुंठा और हीन भावना से उबरता भी है. बाबा साहब भीम राव अंबेडकर बुद्ध नहीं थे लेकिन बुद्धिमय बौद्ध थे.<br />
संविधान विशेषज्ञ कनक तिवारी के विचार</description></item><item><title> सुनामी की लहरों में श्रीलंका की खेती</title><link>http://raviwar.com/news/700_climate-change-and-srilanka-sunil-sharma.shtml</link><description><b>
			</b>श्रीलंका में पिछले 3 सालों से युद्ध विराम के बाद विकास का शोर-शराबा बढ़ा है लेकिन इस विकास का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है. सुनामी के कारण किसान बर्बाद हो रहे हैं. मौसम को लेकर लगाये जाने वाले सारे अनुमान गलत साबित हो रहे हैं. जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर धान की खेती पर पड़ा है लेकिन मुआवजे की कौन कहे, सरकार किसानों को बीज तक मुहैय्या नहीं करवाती.<br />
कोलंबो से लौटकर सुनील शर्मा की रिपोर्ट</description></item><item><title>हमारी चिंतना</title><link>http://raviwar.com/news/699_alex-paul-menon-and-letter-by-bd-sharma.shtml</link><description><b>
			</b>हम अबुझमाड़ की विशेष स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहेंगे. इस इलाके को सन् 1933 से सामान्य प्रशासन के दायरे के बाहर रखा गया था. जिलाध्यक्ष की हैसियत से मैंने 1986 में इस नीति से कड़ाई से पालन कराया था. अनजान पहाडिय़ों में बड़े विस्तार के साथ दौरा किया था. पिछले बीस साल में इन इलाकों में गंभीर घुसपैठ हुई है. यह घुसपैठ पुरातन परंपरा की अवहेलना है.<br />
नक्सल वार्ताकार डॉ. ब्रह्मदेव शर्मा का खुला पत्र</description></item><item><title>ममता बनर्जी के नाम एक खुला पत्र</title><link>http://raviwar.com/news/696_mamata-banerjee-and-nandigram-pushpraj.shtml</link><description><b>
			</b>ममता जी, मुख्यमंत्री का कार्टून बनाने वाले प्रध्यापक अंबिकेश महापात्र पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों का हमला और महापात्र को जेल भेजने की कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उलंघन है. इसके अलाव वैज्ञानिक पार्थ सारथी रॉय की गिरफ्तारी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है. इन गिरफ्तारियों से आपकी छवि पूरी दुनिया में प्रभावित हुई है.<br />
पुष्पराज का खुला पत्र ममता बनर्जी के नाम</description></item><item><title> कमजोर सरकार और गैरजिम्मेवार पत्रकारिता</title><link>http://raviwar.com/news/694_bk-singh-and-indian-express-raghu-thakur.shtml</link><description><b>
			</b>वीके सिंह विवाद और फिर इंडियन एक्सप्रेस द्वारा सनसनीखेज रिपोर्टिंग के मुद्दे पर एक ही बात समझ में आती है कि प्रधानमंत्री को या तो अकर्मण्यता छोड़ना चाहिये या फिर कुर्सी का मोह. प्रधानमंत्री के पद पर बैठे हुये व्यक्ति की अकर्मण्यता गलतियों से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं. लेकिन मनमोहन सिंह को राष्ट्रीय चिंताओं से कहीं अधिक वर्ल्ड बैंक की चाकरी की चिंता है.<br />
समाजवादी विचारक रघु ठाकुर की राय</description></item><item><title>अमन की असली दुआ</title><link>http://raviwar.com/news/693_siyachin-zardari-and-ajmer-samar.shtml</link><description><b>
			</b>1984 से लेकर 2012 के बीच बिना किसी आपसी झड़प या गोलीबारी के भारत और पाकिस्तान के 8000 से ज्यादा जवान सियाचिन में बर्फबारी और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हो चुके हैं. यहाँ हर तीसरे दिन एक पाकिस्तानी सिपाही और हर दूसरे दिन एक भारतीय सिपाही की मौत होती है. निर्जन और मानव निवास की सम्भावनाओं से रहित एक क्षेत्र पर कब्जे की झूठी लड़ाई का सबब क्या है?<br />
समर का विश्लेषण</description></item><item><title>बाबा बनाते चैनल</title><link>http://raviwar.com/news/692_nirmal-baba-and-third-eye-ashish-anshu.shtml</link><description><b>
			</b>महीने के दस करोड़ के खर्च पर देश के तीस चैनल निर्मल बाबा की उपस्थिति का उत्सव मना रहे हैं. इन चैनलों और पैसों की अकूत ताकत ने बाबा को पवित्र गाय बना रखा है. आशीष कुमार अंशु का विश्लेषण</description></item><item><title>राज्य का कन्या ‘दान’</title><link>http://raviwar.com/news/691_kanyadan-yojna-by-shivraj-singh-prashant-dubey.shtml</link><description><b>
			</b>मध्यप्रदेश में इस समय सामूहिक विवाहों की धूम मची है. लेकिन इसके पीछे की मानसिकता और सरकार की नियत पर भी विचार जरुरी है. भोपाल से प्रशांत कुमार दुबे का विश्लेषण</description></item><item><title>लहू का सुराग़</title><link>http://raviwar.com/news/676_gujrat-riots-after-ten-year-two-subhash-gatade.shtml</link><description><b>
			</b>अहमदाबाद के नरोदा पाटिया कत्लेआम का सरगना विश्व हिन्दू परिषद का नेता बाबू बजरंगी ने कैमरे के सामने बताया कि किस तरह उसने गर्भवती का पेट चीर कर पेट के भ्रूण को तलवार के नोंक पर नचाया. सुभाष गाताडे का विश्लेषण</description></item><item><title>मध्य-पूर्व में अमरीकी हांका</title><link>http://raviwar.com/news/680_iran-is-new-target-for-us-attack-dilip-khan.shtml</link><description><b>
			</b>एनबीसी न्यूज़ के साथ बात करते हुए बराक ओबामा ने फरवरी में कहा था कि ईरान पर इजरायल के साथ गठजोड़ कर हमले की सारी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. दिलीप ख़ान का विश्लेषण</description></item><item><title>कम से कम एक दरवाज़ा</title><link>http://raviwar.com/news/682_women-torture-in-india-sudha-arora.shtml</link><description><b>
			</b>नौकरीशुदा समझदार महिलाओं की आत्महत्याओं की खबरें अखबार में आती हैं और फिर खबरों की दुनिया में गुम हो जाती हैं. इन आत्महत्याओं का कभी विश्लेषण नहीं किया जाता. सुधा अरोड़ा के विचार</description></item><item><title> सुनामी की लहरों में श्रीलंका की खेती</title><link>http://raviwar.com/news/700_climate-change-and-srilanka-sunil-sharma.shtml</link><description><b>
			</b>श्रीलंका में पिछले 3 सालों से युद्ध विराम के बाद विकास का शोर-शराबा बढ़ा है लेकिन इस विकास का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है. सुनामी के कारण किसान बर्बाद हो रहे हैं. मौसम को लेकर लगाये जाने वाले सारे अनुमान गलत साबित हो रहे हैं. जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक असर धान की खेती पर पड़ा है लेकिन मुआवजे की कौन कहे, सरकार किसानों को बीज तक मुहैय्या नहीं करवाती.<br />
कोलंबो से लौटकर सुनील शर्मा की रिपोर्ट</description></item><item><title>लेकिन असली नायक कहां हैं?</title><link>http://raviwar.com/news/702_satyamev-jayate-and-amir-khan-devinder-sharma.shtml</link><description><b>
			</b>कन्या भ्रूण हत्या के बारे में क्या जनता को पहली बार एक फिल्म सितारे के जरिये ही यह पता चला है? यह आज के पढ़े-लिखे और सीखे-सिखाए समाज का चेहरा दिखाता है. आपके परिवार को कन्या भ्रूण हत्या के बारे में शिक्षित होने के लिए एक सिलेब्रिटी की जरूरत है? क्या हमारे जागने का केवल यही एक उपाय है कि एक सिलेब्रिटी हमें आकर जगाए? वरना हम बेफिक्र और अनभिज्ञ रहेंगे.<br />
देविंदर शर्मा के सवाल</description></item><item><title>बौद्धिक बेहूदगी और बेहद बौद्धिक अंबेडकर</title><link>http://raviwar.com/news/701_bhim-rao-ambedkar-and-cartoon-kanak-tiwari.shtml</link><description><b>
			</b>शंकर का अंबेडकरीय कार्टून एक आम आदमी की उस व्यग्रता और कुलबुलाहट का प्रतीक है, जो 1949 के भारत के इतिहास का थर्मामीटर है. कार्टून देश के उस बहुमत निरक्षर वर्ग का शिक्षक और सहायक भी होता है, जो पोथियां पढ़ने के बदले कार्टून के अवलोकन के जरिए अपनी कुंठा और हीन भावना से उबरता भी है. बाबा साहब भीम राव अंबेडकर बुद्ध नहीं थे लेकिन बुद्धिमय बौद्ध थे.<br />
संविधान विशेषज्ञ कनक तिवारी के विचार</description></item><item><title>चिकनी चमेली से डरता कौन है ?</title><link>http://raviwar.com/news/670_sex-women-chikni-chameli-pritish-nandy.shtml</link><description><b>
			</b>जलेबी बाई जैसे गीतों पर यदि कोई फिल्म स्टार किसी पांच सितारा होटल में नृत्य करती है तो उसे लाखों रुपए दिए जाते हैं, जबकि कम पैसों में यही काम कर रही बार डांसर को गिरफ्तार कर लिया जाता है.प्रीतीश नंदी के विचार </description></item><item><title>सबको खारिज करने का अधिकार</title><link>http://raviwar.com/news/675_voto-to-no-one-sandeep-pandey.shtml</link><description><b>
			</b>अब वक्त आ गया है कि सभी उम्मीदवारों को खारिज करने के अधिकार का क्रियान्वयन हो. इसका सबसे कारगर तरीका होगा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर आखिर में इस विकल्प हेतु एक बटन उपलब्ध कराना. मैगसेसे से सम्मानित संदीप पांडेय के विचार</description></item><item><title>ये कहां आ गये हम</title><link>http://raviwar.com/news/662_india-celebrates-republic-day-rameshchandra-shah.shtml</link><description><b>
			</b>जब हम नेशनल इंटीग्रेशन कमेटी बनाते हैं तो इसका मतलब यही निकलता है कि हमने मान लिया कि इस देश में सांस्कृतिक एकता का पहले से ही कोई पुष्ट सांस्कृतिक आधार नहीं है. साहित्यकार रमेशचंद्र शाह के विचार</description></item><item><title>यह सबके लिये चेतावनी है</title><link>http://raviwar.com/news/665_2g-scam-muck-prashant-bhushan.shtml</link><description><b>
			</b>टेलीकॉम कंपनियों को मिले 2जी के सभी 122 लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द करने का सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला केंद्र ही नहीं, राज्य सरकारों के लिए भी चेतावनी है. प्रशांत भूषण की टिप्पणी</description></item><item><title>यह सबके लिये चेतावनी है</title><link>http://raviwar.com/baatcheet/b46_swami-agnivesh-talk-with-alok-putul.shtml</link><description>अन्ना-रामदेव व्यक्तिवादी हैं</description></item><item><title>&#2319;&#2350; &#2332;&#2375; &#2309;&#2325;&#2348;&#2352;</title><link>http://raviwar.com/columnist/c276_media-sakshi-tv-and-congress-mj-akbar.shtml</link><description>&#2360;&#2352;&#2325;&#2366;&#2352; &#2325;&#2368; &#2310;&#2340;&#2381;&#2350;&#2361;&#2340;&#2381;&#2351;&#2366;</description></item><item><title>&#2352;&#2366;&#2332;&#2325;&#2367;&#2358;&#2379;&#2352;</title><link>http://raviwar.com/columnist/c272_cpi-cpim-and-left-politics-rajkishore.shtml</link><description>&#2357;&#2366;&#2350;-&#2357;&#2366;&#2350; &#2342;&#2367;&#2358;&#2366;&#2361;&#2368;&#2344;</description></item><item><title>&#2310;&#2344;&#2306;&#2342; &#2350;&#2367;&#2358;&#2381;&#2352;&#2366;</title><link>http://raviwar.com/columnist/c275_bastar-question-and-maoist-anand-mishra.shtml</link><description>&#2348;&#2360;&#2381;&#2340;&#2352; &#2325;&#2375; &#2360;&#2357;&#2366;&#2354;</description></item></channel></rss>
